रेवांचल टाइम्सछिंदवाड़ा| स्थानीय मुख्य डाकघर के सामने स्थित अनगढ़ हनुमान मंदिर प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित संगीतमयी दिव्य भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास महामंडलेश्वर परम पूज्य नागेंद्र ब्रह्मचारी महाराज ने अपने मुखारविंद से शिव-पार्वती विवाह और श्रीराम जन्म का अत्यंत मनमोहक वर्णन किया।
कथा का वाचन करते हुए पूज्य ब्रह्मचारी जी ने कहा कि समाज और धर्म की रक्षा के लिए लोक मर्यादा का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। परमात्मा की भक्ति में वह अद्भुत शक्ति है, जिससे प्रसन्न होकर भगवान सदैव अपने भक्तों की इच्छा पूरी करते हैं।
कथा के दौरान महाराज ने अनेक पावन प्रसंगों का वर्णन किया
शिव-पार्वती विवाह एवं राम जन्मोत्सव भोलेनाथ और माता पार्वती के दिव्य विवाह के प्रसंग ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद जैसे ही भगवान नारायण के श्रीराम रूप में माता कौशल्या की गोद में प्रकट होने की कथा शुरू हुई, पूरा पांडाल बधाई गीतों और जयकारों से गूंज उठा।
चित्रकूट व मंदाकिनी गंगा महिमा
महाराज ने चित्रकूट की महिमा बताते हुए कहा कि सती अनुसुइया जी के आश्रम में प्रतिदिन भगवान शिव का अभिषेक होता है। यहीं पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने क्रमश चंद्रमा, दत्तात्रेय और दुर्वासा के रूप में अवतार लिया था।
गंगा अवतरण व ध्रुव चरित्र
कथा में पावन गंगा जी के पृथ्वी पर अवतरण, गोमती नदी की महिमा और बालक ध्रुव के अचल भक्ति चरित्र की प्रेरणादायक कथाएं सुनाई गईं।
कथा के समापन पर महामंडलेश्वर ने सभी नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया। अंत में महाआरती कर उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
