दैनिक रेवाँचल टाईम्स - मण्डला: मध्यान्ह भोजन पोषण शक्ति कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों का पेट भरने वाली रसोईयों का सब्र आखिर टूटता दिखाई दे रहा है। रसोईया उत्थान संघ समिति जिला इकाई मण्डला ने मंगलवार 1 सितंबर को कलेक्टर और मुख्यमंत्री को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है।
रसोईया उत्थान संघ समिति के संस्थापक पी.डी. खैरवार और प्रदेश अध्यक्ष कुंवर सिंह मरकाम गंगोत्री विश्वकर्मा, सुरेश बघेल, सह सचिव जयंती अहिरवार ने बताया ,कि जिले के लगभग चार हजार रसोईयों को पिछले *ढाई महीने से एक रुपया मानदेय नहीं मिला*, जून का पैसा तो सालों से अटका है।जिसकी मांग लगातार चल रही है। बावजूद शासन-प्रशासन गहरी नींद में है। इस शिक्षा सत्र का जून से अब तक का मानदेय भी नहीं दिया गया है। जिसके कारण परिवार के भरण-पोषण में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ की 7 तीखी मांगें - कलेक्टर से:*
ढाई महीने का बकाया तुरंत देने, हर महीने 5 तारीख को भुगतान फिक्स करने,पांच वर्षों से जून का बाकी मानदेय देने,बहाने बनाकर नौकरी से निकालना बंद करने,रसोईघर में पानी-बिजली की व्यवस्था करने,भोजन पकाने के अलावा दूसरे काम न कराने, बिना आदेश के महंगी ड्रेस साड़ी बताकर बेचने वालों पर कार्रवाई करने,हर साल अनुभव प्रमाण पत्र देने जैसे स्थानीय मांगें मांगपत्र में रहीं।
मुख्यमंत्री से 3 बड़ी मांगें:*
रसोईयों को शीघ्र नियमित करने, सम्मानजनक वेतन, बीमा, पेंशन, छुट्टी और रिटायरमेंट पर 10 लाख एकमुश्त देने,62 साल तक नौकरी की गारंटी देने जैसी मुख्य मांगें सामिल हैं।
संघ ने कहा - "अगर 15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो बर्तन-भांडे लेकर सड़क पर उतरेंगे।" जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
