,जियो की सेवा से उपभोक्ता नाराज, रुला रहा नेटवर्क, बी एस एन एल तो महीनों से बंद,
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग। तहसील मुख्यालय बजाग में पिछले एक माह से ज्यादा समय से मोबाइल नेटवर्क की लचर व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान हैं। दिन हो या रात, किसी भी समय मोबाइल नेटवर्क गायब हो जाता है। कभी मोबाइल में एक लाइन तो कभी दो लाइन नेटवर्क दिखाई देता है, लेकिन इसके बावजूद कॉल ठीक से कनेक्ट नहीं हो पाती। कॉल लग भी जाए तो आवाज स्पष्ट सुनाई नहीं देती और बार-बार ‘हेलो-हेलो’ करते हुए बातचीत पूरी करनी पड़ती है।
जियो कंपनी की नेटवर्क सेवा से परेशान उपभोक्ताओं का कहना है कि दिनभर में करीब 15 से 20 बार नेटवर्क बंद हो जाता है। तथा कभी कभी तो पूरे दिन ही बंद रहता है नेटवर्क आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। इससे मोबाइल उपभोक्ताओं को न केवल कॉलिंग में परेशानी हो रही है, बल्कि इंटरनेट और डेटा सेवा भी प्रभावित है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब नेटवर्क ही ठीक से नहीं मिलता तो रिचार्ज में खर्च किया गया पैसा भी बर्बाद होता नजर आ रहा है।
*ऑनलाइन कामकाज हो रहा प्रभावित*
मोबाइल नेटवर्क की समस्या का असर अब रोजमर्रा के जरूरी कामों पर भी पड़ रहा है। बी एस एन एल तो महीनों से बंद है वही निजी कंपनी का नेटवर्क उपभोक्ताओं को मुंह चिड़ा रहा है।इंटरनेट बंद रहने से यूपीआई और ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग सेवाएं, ओटीपी प्राप्त करना, ऑनलाइन आवेदन, सरकारी पोर्टल पर काम, दस्तावेज डाउनलोड और अपलोड करना, ई-मेल तथा जरूरी ऑनलाइन जानकारी हासिल करना मुश्किल हो रहा है। विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित कार्य भी प्रभावित होते हैं।
व्यापारियों और दुकानदारों को भी ऑनलाइन भुगतान लेने में परेशानी होती है। वहीं जरूरी दस्तावेज या आवेदन ऑनलाइन जमा करने के लिए लोगों को बार-बार प्रयास करना पड़ता है। नेटवर्क के अचानक चले जाने से ऑनलाइन प्रक्रिया बीच में रुक जाती है और लोगों का समय बर्बाद होता है।
*सरकारी दफ्तरों में आने वाले ग्रामीण भी परेशान*
तहसील मुख्यालय होने के कारण बजाग में एक दर्जन से अधिक शासकीय कार्यालय संचालित हैं। बी एस एन एल लंबे समय से ठप्प पड़ा है ऐसे में निजी कंपनी पर लोगों कि निर्भरता बनी हुई है वह भी ठीक से सेवा प्रदाय नहीं कर पा रही विकासखंड के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से लोग राजस्व, पंचायत, जनपद, बैंक सहित अन्य कार्यालयों में आवश्यक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन नेटवर्क नहीं होने से कई ऑनलाइन प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो पातीं। लोगों को काम अधूरा रहने पर दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और आने-जाने में खर्च होने वाला पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
*अर्जेंट कॉल वालों की बढ़ी परेशानी*
सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है जिन्हें अचानक किसी जरूरी व्यक्ति से संपर्क करना होता है। दिन या रात किसी भी समय नेटवर्क गायब हो जाने से अर्जेंट कॉल भी नहीं लग पाती। उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल आज जरूरत का साधन बन चुका है, ऐसे में लगातार नेटवर्क की समस्या गंभीर परेशानी पैदा कर रही है।
उपभोक्ताओं ने बताया कि नेटवर्क समस्या को लेकर कई बार विभिन्न माध्यमों से प्रशासन और संबंधित कंपनी का ध्यान आकृष्ट कराया जा चुका है, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लोगों में कंपनी की सेवा को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं ने संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों से नेटवर्क व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त कराने की मांग की है।
