डेढ़ वर्षीय मासूम को सांप ने काटा, पुलिया के अभाव में अस्पताल नहीं पहुंच सका, रास्ते में मौत
उफनती नदी बनी जिंदगी की दुश्मन, ग्रामीण बोले– पुलिया होती तो बच सकती थी मासूम की जान
दैनिक रेवांचल टाइम्स | पचमढ़ी/तामिया छिंदवाड़ा जिले के पचमढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नांदिया में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां डेढ़ वर्षीय मासूम की सांप के काटने के बाद समय पर इलाज नहीं मिल पाने से मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि नदी पर पुलिया बनी होती तो बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था और शायद उसकी जान बच जाती।
जानकारी के अनुसार ग्राम नांदिया निवासी सतन मोवासी के डेढ़ वर्षीय पुत्र प्रीतेश को बीती रात करीब एक बजे जहरीले सांप ने काट लिया। परिजन और ग्रामीण तत्काल बच्चे को उपचार के लिए तामिया अस्पताल लेकर निकले, लेकिन भूराभगत के पास स्थित नदी उफान पर होने और वहां पुलिया नहीं होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ सके। ग्रामीणों को करीब एक घंटे तक पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान मासूम की हालत बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया।
सुबह परिजन बच्चे को तामिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि वर्षों से नदी पर पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के दिनों में यह नदी कई गांवों का संपर्क काट देती है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिया के अभाव में समय पर उपचार नहीं मिलने से पहले भी चार से पांच लोगों की जान जा चुकी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर शीघ्र पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े।
वही भजनलाल दर्शमा (मामा) ने बताया कि समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण बच्चे की जान चली गई। ग्राम कोटवार मुकेश भारती ने पुलिया निर्माण की मांग दोहराते हुए कहा कि बरसात में ग्रामीणों का संपर्क पूरी तरह कट जाता है।
पचमढ़ी थाना के प्रधान आरक्षक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

