Breaking

revanchal times new

लंबे समय से किसानों को लगा रहे थे चूना कृषि जांच दल ने पकड़ी गड़बडिय़ां अनियमिमताओं के चलते दो दुकानों को किया सील एफआईआर की मांग




दैनिक रेवांचल  टाइम्स  - मण्डला। कृषि विभाग के जांच दल ने नगर मुख्यालय की दो दुकानों को सील कर दिया है। मां रेवा कृषि केन्द्र सब्जी मंडी और किसान बीज भंडार जवाहर गंज मंडला की दुकानों को सील करते हुए चस्पा किया है। यह कार्यवाही 4 अगस्त को औचक निरीक्षण के दौरान किसान बीज भंडार  में अनिमियताएंओं के आधार पर की गई है। कार्यवाही से कृषि बीज भंडार संचालकों में अफरा तफरी मच गई है। बता दें कि मां रेवा कृषि केन्द्र और किसान बीज भंडार में किसानों को अनेक तरह से लूटा जा रहा था महंगे दामों में दवा कीटनाशक बीज बेचा जा रहा था तो दूसरी तरफ रिकार्डो के संधारण में भी लापरवाही बरती गई है। कई कम्पनियों के पीसी भी इनके पास नही मिले हैं। कुल मिलाकर किसानों को घटिया सामग्री टिकाकर महंगी कीमत वसूली जा रही थी यही नही इन दुकानों के गोदामों की जांच न होने से कृषि विभाग के जांच दल पर सवाल भी खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार मां रेवा कृषि केन्द्र की गोदाम में अनेक कृषि सामग्री का भंडार है। जिसके बिल बाऊचर और दस्तावेजों में कमियां हैं। वहीं किसान बीज भंडार के संचालक द्वारा घर में भी कृषि सामग्री का भंडारण किया गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि दोनो दुकानदार दुकान सील होने के बाद गोदाम और घर से किसानों को माल बेंच रहे हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में थोक सप्लाई किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं सील बंद दुकानों के सामने इनके कर्मचारी दिनभर डटे रहते हैं। जो किसान और छोटे व्यापारियों के पहुंचने पर इन्हें संचालक के घर और गोदाम तक ले जाया करते हैं जो कि नियम विरूद्ध है कृषि विभाग के अधिकारी ठोस कार्यवाही नही कर पाए हैं वहीं अब तक इन संचालकों की एफआईआर भी नही हो पाई है। जब नगर मुख्यालय की दुकानो के ये हाल हैं तो आसपास के ग्रामीण अंचलों के हालात क्या होंगे। खरीफ फसल की तैयारी में जुटा किसान अब कृषि सेवा केन्द्रों के चक्कर लगा रहा है। जहां पर अच्छी किस्म के बीज और कीटनाशक को वह तालाश रहा है। किसानों बताया कि बाजार में नकली बीज कीटनाशक दवा का भंडार दिखाई दे रहा है। आधुनिक पैकिंग में बेचे जा रही इन सामग्रीयों की गुणवत्ता पर सवाल है। गरीब अशिक्षित किसान दुकानदारों की बातों में आकर घटिया बीज खरीद रहे हैं। किसानों का आरोप है कि कई दुकानों पर अमानक बीज, कीटनाशक और खरपतवार नाशक दवाओं की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। घटिया अथवा नकली कृषि सामग्री के इस्तेमाल से किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिरने का खतरा बना हुआ है वहीं फसल प्रभावित होने की स्थिति में किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं सबसे बड़ा सवाल कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। खाद बीज कीटनाशक और खेती से जुड़ी अन्य जरूरी सामग्री के दाम तथा गुणवत्ता को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है सरकार किसानों के हित में बड़े-बड़े दावे और योजनाएं चला रही है लेकिन जमीनी हकीकत में किसानों को राहत के बजाय परेशानी मिल रही है जिन दुकान गोदामों को पिछले वर्ष शील किया गया था। उन दुकानों को फिर से अनुमति कर दी गई है। कितना स्टॉक कौन सी कम्पनी का किसके पास है इसका कोई भी रिकॉर्ड संधारण नही है। जबकि पिछले वर्ष नैनपुर क्षेत्र में घटिया धान बीज बनाते एक फैक्ट्री भी पकड़ी गई थी इसके बाद भी कोई सुधार नही हो पाया है भले ही कृषि विभाग के अधिकारी दौरा आदि कर निरीक्षण की बात करते हो लेकिन किसानों को सब पता है कि किस तरह उन्हें ठगा जा रहा है। वर्ष 2026-27 में जिले में लगभग 2.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए किसानों को समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता तकनीकी मार्गदर्शन तथा कृषि सेवा केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित के निर्देश शासन ने दिए हुए हैं। किसानों के हितों की रक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिलेभर में औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है लेकिन ठोस कार्यवाही नही हो रही है। भले ही आगामी खरीफ सीजन 2026-27 को ध्यान में रखते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद बीज एवं कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में सघन निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। विभिन्न कृषि सेवा केंद्रों एवं बीज विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण कर कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं उपलब्धता की जांच की गई हो लेकिन किसानों को कोई राहत नही मिल पाई है। अधिकारी निरीक्षण कर रहे है और विक्रेताओं के स्टॉक विक्रय अभिलेख, भंडारण व्यवस्था एवं बिल-बुक का बारीकी से परीक्षण भी हो रहा है।


क्या कहते हैं जिम्मेदार 


अनियमिमताओं की शिकायत पर जांच की गई थी जहां पर रिकार्डो के संधारण सहित अन्य लापरवाही सामने आई है दोनो दुकानों को सील कर दिया गया है। गोदामों की जांच के लिए एसडीओ को निर्देश दे रहा हूं। 

                 अश्वनी झारिया,

       उपसंचालक कृषि विभाग मंडला

Post a Comment

Previous Post Next Post