दैनिक रेवांचल टाईम्स - विपक्ष की नेता किशोरी किशोर पेडणेकर ने संयुक्त बैठक में तत्काल ‘कार्य योजना’ तैयार करने की मांग की
मुंबई संवाददाता नेहाल हसन। गुजरात में चांदीपुरा वायरस के संक्रमण से उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में तत्काल प्रभावी प्रतिबंधात्मक उपाय लागू किए जाएं। विशेष रूप से बच्चों में संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को उच्च सतर्कता पर रखा जाए। यह मांग मुंबई महानगरपालिका की विपक्ष की नेता किशोरी किशोर पेडणेकर ने की है।
महानगरपालिका मुख्यालय में गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक में पेडणेकर ने संबंधित अधिकारियों और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के नगरसेवकों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने चांदीपुरा वायरस से निपटने के लिए मनपा प्रशासन से तत्काल व्यापक ‘कार्य योजना’ तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।
पेडणेकर ने कहा कि मुंबई के सभी महानगरपालिका अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और पर्याप्त मनुष्यबल उपलब्ध कराया जाए। संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच और उपचार के लिए स्वतंत्र मानक कार्यप्रणाली लागू की जाए। सभी अस्पतालों, चिकित्सालयों, बाल रोग विभागों और प्रयोगशालाओं को चांदीपुरा वायरस के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
उन्होंने रेत-मक्खी, मच्छर और अन्य रोगवाहक कीटों के नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की। साथ ही सभी 26 प्रशासनिक विभागों में विशेष सफाई अभियान, कीटनाशक छिड़काव और स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराने पर जोर दिया।
पेडणेकर ने कहा कि स्कूलों, आंगनवाड़ियों, अस्पतालों, बाजारों, झोपड़पट्टियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जाना चाहिए। नागरिकों में बीमारी के लक्षणों और बचाव के उपायों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
कचरा व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक योजना की मांग
मनपा की कचरा संग्रहण व्यवस्था में प्रस्तावित ठेकेदारी व्यवस्था और श्रमिक संगठनों के आंदोलन के मद्देनजर पेडणेकर ने कचरा संग्रहण में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आने देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कचरा जमा होने से बारिश के मौसम में मच्छर, मक्खी, रेत-मक्खी, चूहे और अन्य रोगवाहक तत्वों के बढ़ने की आशंका रहती है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पायरोसिस, आंत्रशोथ, टाइफाइड और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने सभी 26 विभागों में अतिरिक्त मनुष्यबल, वाहन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के साथ-साथ आपातकालीन वैकल्पिक योजना तैयार करने की मांग की। साथ ही कचरा संग्रहण की स्थिति और चांदीपुरा वायरस से संबंधित संदिग्ध मामलों की जानकारी सहित प्रतिदिन सार्वजनिक स्वास्थ्य समाचार-पत्र जारी करने का सुझाव दिया।
आयुक्त की अध्यक्षता में प्रतिदिन समीक्षा की मांग
पेडणेकर ने सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग, ठोस कचरा प्रबंधन विभाग, कीट नियंत्रण विभाग, आपदा प्रबंधन कक्ष और सभी सहायक आयुक्तों के बीच तत्काल समन्वय व्यवस्था स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मनपा आयुक्त की अध्यक्षता में इस पूरे मामले की प्रतिदिन समीक्षा की जानी चाहिए और आवश्यकता के अनुसार तत्काल प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएं।
वही उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे महानगर में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी संभावित समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गुजरात में चांदीपुरा वायरस की स्थिति और मुंबई में बारिश के दौरान संभावित कचरा संकट को देखते हुए रोकथाम, तैयारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के सिद्धांत पर तत्काल और समन्वित कार्रवाई आवश्यक है।
पेडणेकर ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे से विस्तृत कार्रवाई योजना तैयार कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है।
