मंडला लंबित रेल परियोजनाओं नई ट्रेनों और यात्री सुविधाओं को लेकर बनेगी व्यापक रणनीति, जनसमर्थन जुटाने की तैयारी
रेवांचल टाइम्स, मंडला जिले की वर्षों पुरानी रेल समस्याओं और लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर अब जनआंदोलन की जमीन तैयार होने लगी है। राष्ट्रीय रेलवे संघर्ष समिति, जिला मंडला ने जिले को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने और लंबित मांगों को पूरा कराने के उद्देश्य से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। समिति का कहना है कि यदि लंबे समय से लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
समिति के अनुसार मंडला जिले के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास के लिए मजबूत रेल नेटवर्क अत्यंत आवश्यक है। बेहतर रेल सुविधाओं के अभाव में जिले के हजारों यात्रियों,विद्यार्थियों व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि अब रेल विकास को लेकर जनभागीदारी के साथ निर्णायक पहल करने का निर्णय लिया गया है।समिति ने बताया कि शीघ्र ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में समिति के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सक्रिय नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान आंदोलन के विभिन्न चरणों, जिम्मेदारियों के निर्धारण और जनसंपर्क अभियान पर विस्तार से चर्चा होगी।समिति ने अपनी प्रमुख मांगों में मंडला फोर्ट से पेंचवेली एक्सप्रेस का जुलाई अगस्त माह में शीघ्र शुभारंभ, यात्रियों की सुविधा के अनुरूप ट्रेनों के समय में आवश्यक परिवर्तन, जबलपुर, नागपुर एवं बिलासपुर रेल जोन के समन्वय से नई रेल सेवाओं का विस्तार तथा मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल किया है। समिति का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि जिले के व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलेगी।
आंदोलन की रणनीति के तहत पहले चरण में विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर व्यापक सहमति बनाई जाएगी। दूसरे चरण में मंडला कलेक्टर के माध्यम से रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड, जबलपुर, नागपुर एवं बिलासपुर रेल जोन के महाप्रबंधकों तथा संबंधित मंडल रेल प्रबंधकों को विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में मंडला जिले की रेल आवश्यकताओं, यात्री समस्याओं और विकास से जुड़े तथ्यों को प्रमुखता से रखा जाएगा।समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो तीसरे चरण में जिलेभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान, शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, जनसंपर्क अभियान और नागरिकों से समर्थन जुटाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भी यदि मांगें लंबित रहीं, तो लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन, क्रमिक अनशन और रेलवे प्रशासन के समक्ष व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
समिति का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे मंडला जिले के विकास और अधिकारों से जुड़ा अभियान है। बेहतर रेल सुविधाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, जिससे जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रीय रेलवे संघर्ष समिति ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, युवा वर्ग, छात्र संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। समिति का कहना है कि मंडला को उसका रेल अधिकार तभी मिलेगा, जब पूरा जिला एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएगा। आने वाले दिनों में प्रस्तावित बैठक के बाद आंदोलन की तिथियों और कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

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