डिजिटल हाजिरी में भी 'मुँहदेखी' व्यवस्था? पशु चिकित्सा विभाग मंडला में अंदरूनी आक्रोश
भोपाल बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप, कार्रवाई पर उठे सवाल
जिला गो रक्षा समिति के विरोध और पुतला दहन के बाद भी नहीं हुई ठोस जांच
दैनिक रेवांचल टाईम्स - मंडला। पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंडला एक बार फिर विवादों के घेरे में है। विभाग के कर्मचारियों के बीच यह चर्चा और असंतोष लगातार बढ़ रहा है कि डिजिटल उपस्थिति (सार्थक हाजिरी) प्रणाली में भी कथित रूप से मुँहदेखी व्यवस्था अपनाई जा रही है। आरोप हैं कि कुछ कर्मचारियों की उपस्थिति और अनुपस्थिति को लेकर अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति से भोपाल स्थित वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत नहीं कराया जा रहा।
सूत्रों का दावा है कि प्रभारी उप संचालक कार्यालय से भेजी जाने वाली जानकारी और वास्तविक कार्यालयीन उपस्थिति में भारी अंतर है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्मचारियों के बीच इस कथित पक्षपात और संरक्षण की चर्चा लंबे समय से चल रही है, जिससे विभाग के अंदर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मामले को लेकर पहले भी जिला गो रक्षा समिति ने विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित अधिकारियों का पुतला दहन किया था और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। इसके बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या पूरा मामला दबा दिया गया है या फिर किसी प्रभाव के कारण जांच आगे नहीं बढ़ रही?
यदि विभाग में डिजिटल हाजिरी व्यवस्था लागू है तो सवाल यह भी है कि—
क्या सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के उपस्थिति रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच होगी?
क्या भोपाल मुख्यालय को वास्तविक जानकारी भेजी जा रही है?
यदि अनियमितताएं हैं तो उनके लिए जिम्मेदार कौन है?
अब कर्मचारियों और आमजन की नजर इस बात पर है कि पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर डिजिटल उपस्थिति का रिकॉर्ड सार्वजनिक करेंगे या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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