सतना। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद सोमवार रात जमकर हंगामा हो गया। इलाज के दौरान हुई मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि बच्चे को कथित रूप से एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए गए, जिसके कारण उसकी जान चली गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
इलाज के तीसरे दिन तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित सार्थक हॉस्पिटल में एक नवजात शिशु का इलाज चल रहा था। इलाज के तीसरे दिन उसकी अचानक मौत हो गई। नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पिता का आरोप—
एक्सपायरी इंजेक्शन से गई जान
मृतक नवजात के पिता अनिल गुप्ता, निवासी टिकुरिया टोला, ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयों का इस्तेमाल किया जा रहा था। उनका दावा है कि बच्चे को कथित रूप से एक्सपायरी इंजेक्शन लगाया गया, जिसके चलते उसकी मौत हुई।
अनिल गुप्ता के अनुसार, उनकी पत्नी ने 12 जुलाई को चित्रकूट अस्पताल में सामान्य प्रसव के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सार्थक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाइयां मौजूद थीं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि लापरवाही या एक्सपायरी दवाओं के उपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक नवजात के पिता अनिल गुप्ता, निवासी टिकुरिया टोला, ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयों का इस्तेमाल किया जा रहा था। उनका दावा है कि बच्चे को कथित रूप से एक्सपायरी इंजेक्शन लगाया गया, जिसके चलते उसकी मौत हुई।
अनिल गुप्ता के अनुसार, उनकी पत्नी ने 12 जुलाई को चित्रकूट अस्पताल में सामान्य प्रसव के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सार्थक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाइयां मौजूद थीं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि लापरवाही या एक्सपायरी दवाओं के उपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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