पदोन्नति आदेश जारी होने के साथ ही पुलिस विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे समय से एक पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा है। अब इन अधिकारियों की वर्दी पर एएसआई के सितारे सजेंगे और वे नई जिम्मेदारियों के साथ अपनी सेवाएं देंगे।
फिलहाल वर्तमान पदस्थापना पर ही निभाएंगे नई जिम्मेदारी
डीआईजी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी पदोन्नत कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी वर्तमान पदस्थापना पर ही सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के रूप में कार्य करना होगा। इससे पुलिस व्यवस्था पर किसी प्रकार का प्रशासनिक प्रभाव नहीं पड़ेगा और विभागीय कार्य सुचारू रूप से चलता रहेगा।सभी वर्गों के पात्र कर्मचारियों को मिला लाभ
जारी सूची में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा अनारक्षित (UR) वर्ग के पात्र प्रधान आरक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई या कोई आपराधिक प्रकरण लंबित होगा, उनकी पदोन्नति नियमानुसार प्रभावित हो सकती है।एक माह में देना होगा वेतन निर्धारण का विकल्प
पदोन्नत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक माह के भीतर वेतन निर्धारण (Pay Fixation) के लिए निर्धारित विकल्प प्रस्तुत करें, ताकि नियमानुसार उनके वेतन एवं सेवा संबंधी लाभों का निर्धारण किया जा सके।2021 के कार्यवाहक प्रभार आदेश हुए निरस्त
डीआईजी कार्यालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि वर्ष 2021 में जारी कार्यवाहक प्रभार (Officiating Charge) संबंधी सभी आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। अब पदोन्नत अधिकारी नियमित रूप से सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर कार्य करेंगे।
यह पदोन्नति आदेश 12 जुलाई 2026 से प्रभावशील माना गया है। पुलिस विभाग के जानकारों का कहना है कि नई पदोन्नति नीति के तहत लंबे समय से रुकी पदोन्नतियों का रास्ता खुलने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और पुलिस व्यवस्था को भी अनुभवी अधिकारियों का बेहतर नेतृत्व मिलेगा।










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