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पहली बारिश में ही बह गए विकास के दावे, करोड़ों की सड़क बनी भ्रष्टाचार की मिसाल!



70 साल के इंतजार के बाद मिली सड़क भी चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट, पहली बारिश में उखड़ गई डामर की परतें

प्रधानमंत्री जनमन योजना में करोड़ों की लागत से बनी सड़क ने पहले ही मानसून में टेक दिए घुटने, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल

दैनिक रेवांचल टाइम्स | मोहगांव, मंडला मंडला जिले के आदिवासी अंचल में विकास के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। केंद्र सरकार विकसित भारत और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन धरातल पर भ्रष्ट अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत इन दावों का मजाक उड़ाती नजर आ रही है। विकास योजनाएं जनसेवा का माध्यम कम और भ्रष्टाचार का जरिया अधिक बन चुकी हैं।

विकासखंड मोहगांव की ग्राम पंचायत मोहगांव माल के मंगलू टोला में आजादी के सात दशक बाद ग्रामीणों को पहली बार प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पक्की सड़क की सौगात मिली थी। गांव में खुशी का माहौल था कि अब बरसों की परेशानी खत्म होगी, लेकिन यह खुशी पहली ही बारिश में मातम में बदल गई। सड़क की डामर परतें कागज की तरह उखड़ने लगीं और करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता की पोल पहली ही फुहार ने खोल दी।

निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क ने तोड़ा दम

हैरानी की बात यह है कि सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ और जगह-जगह से डामर उखड़ने लगी। सड़क धंसने लगी है और कई स्थानों पर गड्ढे बनने शुरू हो गए हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई।

पहली बारिश ने खोल दिया भ्रष्टाचार का पूरा खेल

ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क के लिए वर्षों तक संघर्ष किया, आवेदन दिए और नेताओं के चुनावी वादों का इंतजार किया, वही सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल सकी। यह केवल घटिया निर्माण नहीं, बल्कि सरकारी धन की खुली बंदरबांट का उदाहरण है।

वर्धमान ग्लोबल इंफ्रा. प्रा. लि. पर गंभीर सवाल

मंगलू टोला सड़क का निर्माण में. वर्धमान ग्लोबल इंफ्रा. प्रा. लि., मंडला द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत किया गया है। 

स्थल में प्रदर्शित बोर्ड के अनुसार:

योजना: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जनमन योजना

मार्ग: मोहगांव से मंगलू टोला

पैकेज क्रमांक: MP23PMJTM011

मार्ग की लंबाई: 1.75 किमी

लागत राशि: ₹100.58 लाख

कार्य प्रारंभ: 31-10-2025

कार्य पूर्णता तिथि: 30-10-2026 (बोर्ड पर अंकित)

ठेकेदार: में. वर्धमान ग्लोबल इंफ्रा. प्रा. लि., मंडला (म.प्र.)

क्रियान्वयन एजेंसी: म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, मंडला बोर्ड ने खोली निर्माण की पूरी कहानी

स्थल पर लगे सूचना बोर्ड के अनुसार यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जनमन योजना के अंतर्गत पैकेज क्रमांक MP23PMJTM011 से ₹100.58 लाख की लागत से 1.75 किलोमीटर लंबाई में में. वर्धमान ग्लोबल इंफ्रा. प्रा. लि. मंडला द्वारा बनाई जा रही है। लेकिन निर्माण अवधि पूरी होने से पहले ही सड़क की डामर परत उखड़ती नजर आने से निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने इसकी उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

      जहाँ करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस सड़क की हालत देखकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गुणवत्ता परीक्षण केवल कागजों तक सीमित रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण मानकों का पालन हुआ होता तो सड़क 

पहली ही बारिश में इस तरह नहीं टूटती। डामर की परतें हाथ से उखड़ रही हैं और सड़क धीरे-धीरे गायब होती जा रही है।

क्या बिना अधिकारियों की मिलीभगत संभव है इतना बड़ा भ्रष्टाचार?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य में गुणवत्ता की इतनी बड़ी अनदेखी आखिर कैसे हो गई? क्या संबंधित विभाग के इंजीनियरों ने निर्माण की निगरानी की? क्या गुणवत्ता परीक्षण हुआ? यदि हुआ तो फिर सड़क पहली बारिश में क्यों बह गई?

इन सवालों ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव नहीं है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

मंगलू टोला के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई की जाए तथा पूरी सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल...

क्या जिला प्रशासन करोड़ों रुपये के इस कथित भ्रष्टाचार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा?

या फिर हर बार की तरह यह मामला भी फाइलों में दबाकर जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये पर पर्दा डाल दिया जाएगा?


वही रेवांचल टाइम्स इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

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