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मंडला में अतिक्रमण पर दोहरा मापदंड क्यों केवल रेहड़ी ठेले नहीं, नालियों-गलियों पर हुए स्थायी कब्जे भी हटें अखिलेश सोनी



रेवांचल टाइम्स मंडला नगर में इन दिनों प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच अब कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। समाजसेवी एवं जनसेवक अखिलेश सोनी ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि यदि अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है, तो यह केवल बाजारों में सड़क किनारे सामान रखने वाले छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वर्षों से नालियों, गलियों और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए स्थायी अतिक्रमणों पर भी समान रूप से बुलडोजर चलना चाहिए।



उन्होंने कहा कि वर्तमान में नगर के बाजार क्षेत्रों में दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त किया जा रहा है और छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन दूसरी ओर कई वार्डों में प्रभावशाली लोगों द्वारा नालियों पर पक्के निर्माण, सड़क तक बढ़ाए गए छज्जे, सीढ़ियां, बीम और अन्य स्थायी अतिक्रमण वर्षों से प्रशासन की नजरों के सामने मौजूद हैं। इन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना सवाल खड़े करता है।

अखिलेश सोनी ने आरोप लगाया कि मंडला नगर पालिका के सभी 24 वार्डों में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति गंभीर है। कई स्थानों पर नालियों को पूरी तरह ढंककर उन पर निर्माण कर लिया गया है, कहीं सड़क तक मकानों का विस्तार कर दिया गया है तो कहीं सार्वजनिक मार्गों पर सबमर्सिबल पंप और अन्य स्थायी संरचनाएं लगा दी गई हैं। इसके कारण गलियां लगातार संकरी होती जा रही हैं और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को केवल कमजोर वर्ग या छोटे फुटपाथ व्यवसायियों पर कार्रवाई कर अभियान की औपचारिकता पूरी नहीं करनी चाहिए। जो लोग प्रतिदिन 300 से 500 रुपये कमाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, उनका रोजगार प्रभावित करने के बजाय बड़े और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों पर भी समान कठोरता दिखाई जानी चाहिए। कानून सबके लिए समान होना चाहिए, तभी प्रशासन की कार्रवाई पर जनता का विश्वास कायम रहेगा।

समाजसेवी ने मांग की है कि बुधवारी से बिझिया चौराहा तथा नेहरू स्मारक से बिनेका तिराहा मार्ग सहित नगर की सभी प्रमुख सड़कों और पुरानी गलियों का राजस्व विभाग एवं नगर पालिका की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे कराया जाए। सर्वे के दौरान सड़क, नाली और गलियों की मूल चौड़ाई का राजस्व अभिलेखों के आधार पर मापन किया जाए तथा अतिक्रमण की सीमा में आने वाले सभी छज्जे, सीढ़ियां, प्लेटफॉर्म और अन्य अवैध निर्माण बिना किसी भेदभाव के हटाए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि मंडला ही नहीं, जिले के अन्य नगरों में भी इसी प्रकार निष्पक्ष अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके और आम नागरिकों को राहत मिल सके।

स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी कहना है कि नगर के कई हिस्सों में सड़कें और गलियां इतनी संकरी हो चुकी हैं कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य राहत एवं बचाव वाहन समय पर नहीं पहुंच पाते। यह केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।

अखिलेश सोनी ने चेतावनी दी है कि यदि नगर पालिका परिषद और नजूल विभाग द्वारा शीघ्र ही पूरे नगर का निष्पक्ष सर्वे कर स्थायी अतिक्रमणों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो मंडला कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर व्यापक अभियान चलाने की मांग की जाएगी।

उन्होंने प्रशासन से अपील की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए। छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों तक, सभी पर समान कानून लागू हो, तभी मंडला नगर को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यातायात वाला शहर बनाया जा सकेगा।

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