रेवांचल टाइम्स मंडला नैनपुर में वर्षों से लंबित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण और 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी केवल आश्वासन ही मिलता रहा और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसी क्रम में 19 जुलाई से नैनपुर में तीन दिवसीय धरना आंदोलन शुरू किया जा रहा है, जिसका समापन 21 जुलाई को विशाल रैली और ज्ञापन के साथ होगा।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि मंडला–सिवनी राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित नैनपुर रेलवे फाटक लंबे समय से जिले की सबसे गंभीर यातायात समस्याओं में से एक बना हुआ है। फाटक बंद रहने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं, मरीज, विद्यार्थी, कर्मचारी और आम नागरिक जाम में फंसने को मजबूर हो जाते हैं। कई बार आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं, लेकिन इसके बावजूद रेलवे और प्रदेश सरकार ने अब तक ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पार्टी ने याद दिलाया कि 18 जून 2026 को जिला अध्यक्ष पंकज सोनी के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) नैनपुर के माध्यम से रेल मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम चेतावनी स्वरूप ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि यदि एक माह के भीतर ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई तो 19 जुलाई से चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर अब पार्टी ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि वर्षों से नैनपुर की जनता को केवल सर्वे, प्रस्ताव और आश्वासन का झुनझुना पकड़ा दिया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कराने की दिशा में कोई पहल नहीं दिखाई देती। उनका कहना है कि जनता अब खोखले वादों से ऊब चुकी है और विकास के नाम पर केवल घोषणाएं सुनने को तैयार नहीं है।
तीन दिवसीय धरना आंदोलन के दौरान रेलवे ओवरब्रिज की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई को आम आदमी पार्टी नगर में विशाल रैली निकालकर पुनः प्रशासन के माध्यम से रेल मंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगी। ज्ञापन में अंतिम चेतावनी दी जाएगी कि यदि 8 सितंबर 2026 तक रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो पार्टी रेल रोको आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित में होगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार तथा रेलवे प्रशासन की होगी।
रेलवे फाटक के साथ-साथ आम आदमी पार्टी ने 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल नैनपुर की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को भी बड़ा मुद्दा बनाया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में लगातार अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं। मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा, आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है और कई व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती हैं।
पार्टी का कहना है कि उसके पदाधिकारी लगातार अस्पताल का निरीक्षण कर रहे हैं और वहां की समस्याओं को प्रशासन के संज्ञान में भी लाया गया है, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने अब भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सड़क पर जन आंदोलन के साथ-साथ मामले को न्यायालय तक ले जाने की भी तैयारी की जाएगी, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।
पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि नैनपुर और मंडला जिले की वर्षों पुरानी जनसमस्याओं का स्थायी समाधान कराना है। रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार अब जनता की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है, जिसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
तीन दिवसीय धरने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के आंदोलन में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। अब सबकी नजर सरकार और प्रशासन की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी है यदि आंदोलन के बाद भी ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो नैनपुर का यह आंदोलन आने वाले दिनों में जिले के सबसे बड़े जन आंदोलनों में तब्दील हो सकता है।
