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जय प्रकाश की याचिका खारिज: जनता में खुशी की लहर




दैनिक रेवांचल टाईम्स - नगर परिषद जैतहरी की राजनीति से जुड़े बहुचर्चित मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय से महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। नगर परिषद जैतहरी के वार्ड पार्षद एवं कथित भाजपा नेता जयप्रकाश अग्रवाल द्वारा अध्यक्ष पद के निर्वाचन को चुनौती देते हुए दायर दोनों याचिकाओं को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायालय के इस निर्णय के बाद नगर परिषद क्षेत्र में खुशी का माहौल देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में नागरिकों ने फैसले का स्वागत किया है।


जानकारी के अनुसार, नगर परिषद जैतहरी के अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता के निर्वाचन को चुनौती देते हुए जयप्रकाश अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक WP 34221/2024 तथा WP 36571/2025 दायर की थी। याचिका में अध्यक्ष के निर्वाचन, प्रशासनिक प्रक्रिया तथा अन्य बिंदुओं पर सवाल उठाए गए थे। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान शासन एवं प्रशासन द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों, जांच प्रतिवेदन तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया।


सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने पाया कि याचिकाओं में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त आधार उपलब्ध नहीं हैं। न्यायालय ने प्रशासनिक प्रक्रिया को विधिसम्मत मानते हुए दोनों याचिकाओं को निरस्त कर दिया और लगाए गए आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अध्यक्ष पद पर उमंग अनिल गुप्ता का निर्वाचन यथावत बना रहा।


गौरतलब है कि नगर परिषद जैतहरी में अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता के नेतृत्व में विभिन्न विकास कार्यों को गति मिलने का दावा किया जाता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य जनहित के कार्यों में लगातार प्रयास किए गए हैं। इन्हीं कार्यों के कारण उन्हें क्षेत्र के नागरिकों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।


उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद जैतहरी नगर में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की जीत बताया। कई नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाप्त होने से अब नगर परिषद का पूरा ध्यान विकास कार्यों पर केंद्रित हो सकेगा। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि राजनीतिक विवादों के बजाय अब जनहित और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।


नगर परिषद से जुड़े लोगों का कहना है कि न्यायालय के फैसले ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। निर्णय के बाद अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता के समर्थकों और नगर के अनेक नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका के निर्णय से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास और मजबूत हुआ है।


फिलहाल उच्च न्यायालय द्वारा दोनों याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद नगर परिषद जैतहरी की राजनीति में लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त होता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि अब नगर परिषद विकास कार्यों को और अधिक गति देगी तथा जनहित के कार्य बिना किसी व्यवधान के आगे बढ़ेंगे।

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