जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र के अमखेरा में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। सात साल पहले बड़े अरमानों के साथ ससुराल आई एक विवाहिता ने अपने ही पति और सास पर उसे जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। गंभीर रूप से झुलसी महिला इस समय अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। अस्पताल में दिए गए उसके बयान के आधार पर पुलिस ने पति और सास के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सात साल से प्रताड़ना, अब जान लेने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, कटनी जिले के कुठला निवासी नंदनी कोरी का विवाह करीब सात वर्ष पहले अधारताल के अमखेरा निवासी वीरेन्द्र कोरी से हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और सास जयंती कोरी उसे छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करते थे। कई बार उसके साथ मारपीट कर उसे मायके भेज दिया जाता था। हर बार मां उर्मिला समझाइश देकर बेटी को दोबारा ससुराल भेज देती थीं, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला नहीं रुका।
बेटी के लिए दूध गर्म कर रही थी, तभी रची गई साजिश!
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना की रात करीब 11:45 बजे वह अपनी छोटी बेटी के लिए रसोई में गैस पर दूध गर्म कर रही थी। तभी उसकी सास जयंती कोरी रसोई में आई और कथित तौर पर उसकी साड़ी का पल्लू जलते हुए गैस बर्नर पर रख दिया। कुछ ही सेकंड में आग ने पूरी साड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और नंदनी गंभीर रूप से झुलस गई।
'पति सामने खड़ा देखता रहा, बचाने की कोशिश तक नहीं की'
नंदनी का आरोप है कि उसकी चीख-पुकार सुनकर पति वीरेन्द्र मौके पर पहुंचा, लेकिन उसने आग बुझाने या पत्नी को बचाने की कोई कोशिश नहीं की। वह तमाशबीन बनकर खड़ा रहा। शोर सुनकर ससुर मदन कोरी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। उनके आने के बाद ही पति ने भी पानी डालकर आग बुझाई।
रातभर घर में रखा, बयान बदलवाने का बनाया दबाव
घटना के बाद भी पीड़िता को तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया। नंदनी का आरोप है कि उसे पूरी रात जली हुई हालत में घर में ही रखा गया। इस दौरान पति उस पर लगातार दबाव बनाता रहा कि वह सास के पक्ष में वीडियो बनाकर यह कहे कि आग गलती से लगी थी। इतना ही नहीं, ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
सुबह करीब 5 बजे चाची सास को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने मौके पर पहुंचकर नंदनी को पहले संजीवनी अस्पताल और बाद में गंभीर हालत को देखते हुए राइट टाउन स्थित मोहनलाल हरगोविंददास अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में दर्ज हुए बयान, पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई
सूचना मिलते ही अधारताल थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मजिस्ट्रियल प्रक्रिया के तहत पीड़िता के बयान दर्ज किए। अपने बयान में नंदनी ने साफ कहा कि उसकी सास ने जानबूझकर साड़ी का पल्लू गैस बर्नर पर रखा था और पति ने उसे बचाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया।
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने पति वीरेन्द्र कोरी और सास जयंती कोरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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