जबलपुर। गोराबाजार क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से जारी आंदोलन रविवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। 'गोराबाजार संघर्ष समिति' के नेतृत्व में हजारों स्थानीय नागरिकों ने शराब दुकान का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। बढ़ते जनआक्रोश और व्यापारियों के अभूतपूर्व समर्थन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से संवाद करना पड़ा। स्थिति को शांत करने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई हेतु 7 दिन का समय मांगा है।
व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें, आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन
रविवार को संघर्ष समिति के आह्वान पर गोराबाजार के अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया। दोपहर तक क्षेत्र में हजारों की संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय नागरिक एकत्रित हो गए और शराब दुकान के बाहर घेराव कर नारेबाजी की। आंदोलन के दौरान क्षेत्र में भारी भीड़ जुटने से माहौल पूरी तरह आंदोलनमय बना रहा।
प्रशासन ने मंच से मांगा 7 दिन का समय
बढ़ती भीड़ और जनदबाव को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुना। इसके बाद मंच से सार्वजनिक घोषणा करते हुए कहा कि मामले में कानूनी पहलुओं और संबंधित विभागों से आवश्यक विचार-विमर्श के लिए प्रशासन को 7 दिन का समय दिया जाए।
संघर्ष समिति का ऐलान धरना जारी रहेगा
प्रशासन के प्रस्ताव पर गोराबाजार संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने विचार-विमर्श किया। समिति ने प्रशासन को सात दिन का समय देने पर सहमति जताई, लेकिन स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक शराब दुकान को क्षेत्र से पूरी तरह नहीं हटाया जाता, तब तक धरना स्थल पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह आंदोलन क्षेत्र के सामाजिक माहौल और स्थानीय लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
