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सड़क किनारे शटर वाली दुकान में चल रहा स्कूल! बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल



दैनिक रेवाँचल टाइम्स | नैनपुर (मंडला) विकासखंड नैनपुर के ग्राम पाठा सिहोरा में संचालित एक निजी विद्यालय की व्यवस्थाओं ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार "टेलेंट इंडिया" नाम से संचालित यह निजी विद्यालय सड़क किनारे शटर युक्त भवन में संचालित हो रहा है, जहां न तो बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम दिखाई देते हैं और न ही मान्यता प्राप्त विद्यालय के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं।

विद्यालय के चारों ओर बाउंड्रीवाल या तार फेंसिंग का अभाव है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों के सीधे सड़क पर पहुंचने का खतरा बना रहता है। व्यस्त मार्ग के किनारे संचालित इस विद्यालय में किसी भी समय दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि विद्यालय में पर्याप्त खेल मैदान नहीं है, शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है, बालक-बालिकाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं अधूरी हैं तथा पार्किंग जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की भी अनदेखी की गई है।

मान्यता कैसे मिली, बड़ा सवाल

शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय में सुरक्षित भवन, पृथक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल या फेंसिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य मानी जाती हैं। यदि ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित अधिकारियों ने विद्यालय का स्थल निरीक्षण किया था? यदि किया था, तो किन आधारों पर मान्यता प्रदान की गई?

बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए

शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग को तत्काल विद्यालय का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए। यदि विद्यालय निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराई जानी चाहिए।

क्योंकि यह केवल एक स्कूल का मामला नहीं, बल्कि मासूम बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य का प्रश्न है।

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