नकली और जहरीली शराब के खिलाफ आबकारी विभाग सख्त, QR कोड और होलोग्राम की जांच के निर्देश
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – छिंदवाड़ा। प्रदेश में जहरीली एवं नकली शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में निगरानी और जांच व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में पहल की है। इसी क्रम में जबलपुर संभाग के उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता यशवंत धनौरा की अध्यक्षता में आबकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और मदिरा दुकान लाइसेंसियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर नियंत्रण के साथ मदिरा की वास्तविकता जांचने के लिए होलोग्राम तथा QR कोड सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया।
QR कोड स्कैन कर शराब की वास्तविकता जांचने के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मदिरा की बोतलों पर लगे होलोग्राम और QR कोड का निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण किया जाए। इसका उद्देश्य संदिग्ध एवं नकली शराब की पहचान कर अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विभागीय अमले को जब्ती और निरीक्षण के दौरान संदिग्ध मदिरा के होलोग्राम तथा QR कोड की जांच करने के निर्देश दिए गए। इससे शराब के स्रोत और उसकी वैधता से संबंधित जानकारी की पुष्टि करने में सहायता मिल सकती है।
● बोतलों पर लगे होलोग्राम की जांच।
● QR कोड का निर्धारित प्रणाली से सत्यापन।
● संदिग्ध मदिरा के स्रोत की पड़ताल।
● अवैध निर्माण और भंडारण पर निगरानी।
● परिवहन एवं बिक्री से जुड़ी गतिविधियों की जांच।
मैदानी अमले को नियमित गश्त और जांच के निर्देश
उपायुक्त आबकारी यशवंत धनौरा ने सहायक जिला आबकारी अधिकारियों, आबकारी उपनिरीक्षकों, मुख्य आरक्षकों और आरक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संदिग्ध स्थानों और अवैध मदिरा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटाने तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया।
मैदानी अमले को निर्देशित किया गया कि जांच के दौरान शराब के पैकेजिंग चिह्नों और सत्यापन संबंधी जानकारी का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाए।
शराब दुकान लाइसेंसियों को दी गई सख्त हिदायत
बैठक में मदिरा दुकानों के लाइसेंसियों को भी QR कोड और होलोग्राम सत्यापन की उपयोगिता समझाई गई। उन्हें दुकान संचालन और बिक्री व्यवस्था में व्यक्तिगत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
लाइसेंसियों से कहा गया कि दुकानों पर आने वाले मदिरा स्टॉक की वास्तविकता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप उसकी प्राप्ति सुनिश्चित करें। किसी भी संदिग्ध अथवा नकली शराब की बिक्री न होने पाए।
इसके अतिरिक्त मदिरा की आपूर्ति, भंडारण या बिक्री से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल आबकारी विभाग को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए।
अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर निगरानी
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध मदिरा के कारोबार पर नियंत्रण के लिए निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े सभी स्तरों पर निगरानी आवश्यक है।
अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर प्राप्त करने और उपलब्ध सूचना के आधार पर जांच एवं वैधानिक कार्रवाई करने पर ध्यान देने को कहा गया।
नकली एवं जहरीली शराब से जनस्वास्थ्य को होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए विभागीय सतर्कता को महत्वपूर्ण बताया गया।
अधिकारियों और लाइसेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में अधिकारियों, कर्मचारियों और मदिरा लाइसेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विभाग का उद्देश्य मदिरा की वैध आपूर्ति और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा अवैध गतिविधियों की पहचान करना है।
लाइसेंसियों को अपने प्रतिष्ठानों में निगरानी रखने और किसी भी अनियमितता की जानकारी विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में निगरानी जारी रखने पर जोर
बैठक में अवैध शराब के विरुद्ध जांच एवं निगरानी को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों से कहा गया कि मदिरा की वास्तविकता का सत्यापन और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई विभागीय कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
विभाग ने नकली शराब की बिक्री रोकने के लिए मैदानी अमले की सक्रियता, लाइसेंसियों की जवाबदेही और नियमित जांच व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया।
छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आबकारी विभाग द्वारा होलोग्राम और QR कोड के सत्यापन, नियमित गश्त तथा मदिरा लाइसेंसियों की निगरानी पर जोर दिया गया है। इन निर्देशों का प्रभावी पालन अवैध शराब के कारोबार की पहचान और रोकथाम में महत्वपूर्ण हो सकता है।
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