शिक्षक चयन परीक्षा वर्ग-2: प्रतीक्षा सूची की महिला अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
दैनिक रेवाँचल टाईम्स — मंडला। मध्य प्रदेश शिक्षक चयन परीक्षा वर्ग-2 की प्रतीक्षा सूची में शामिल महिला अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मामला जोर पकड़ने लगा है। परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाली योग्य महिला अभ्यर्थियों के भी नियुक्ति से वंचित रहने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्र पत्रकार मनोज सिंह कुशवाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र महिला अभ्यर्थियों के चयन और पदस्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की है।

कुशवाह ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण, महिला आरक्षण और महिलाओं को समान अवसर देने की बात करती है, तो योग्य महिला अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए लंबे समय तक इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? उन्होंने प्रतीक्षा सूची की स्थिति स्पष्ट करते हुए रिक्त पदों और भर्ती नियमों के अनुरूप पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर देने की मांग की।
महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शिक्षक चयन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद प्रतीक्षा सूची में शामिल महिला अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। इससे उनके रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ रहा है। कुशवाह ने सवाल किया कि यदि योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलती, तो सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दावों का लाभ कैसे मिलेगा?
उन्होंने अतिथि शिक्षक के रूप में सेवाएं दे चुकी महिला अभ्यर्थियों के अनुभव तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की पात्र महिलाओं के मामलों पर भी नियमानुसार विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लागू नियमों, आरक्षण प्रावधानों और पात्रता के अनुरूप किसी भी योग्य अभ्यर्थी को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
चार सूत्रीय मांग, पदस्थापना में तेजी की अपील
1. प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र महिला अभ्यर्थियों के चयन की स्थिति स्पष्ट की जाए।
2. रिक्त पदों के विरुद्ध नियमानुसार नियुक्ति की कार्रवाई की जाए।
3. महिला आरक्षण और EWS संबंधी प्रावधानों का विधिसम्मत लाभ दिया जाए।
4. अतिथि शिक्षक अनुभव से जुड़े लागू नियमों के अनुसार पात्रता पर विचार करते हुए पदस्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
कुशवाह ने चेतावनी दी कि महिला अभ्यर्थियों की समस्याओं पर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो इस मुद्दे को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर अभ्यर्थियों को स्पष्ट जवाब देने और नियमानुसार शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
ग्राम परसवाड़ा, तहसील नैनपुर, जिला मंडला के सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्र पत्रकार मनोज सिंह कुशवाह ने कहा, “महिला अभ्यर्थियों को केवल आश्वासन नहीं, न्याय दीजिए।”