मवई में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से आउटसोर्स कर्मचारी की मौत, लाइनमैन निलंबित; जेई से पूछताछ
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मवई/मंडला

मंडला जिले के मवई में 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से आउटसोर्स कर्मचारी डेनी सिंह धुर्वे की मौत हो गई। ग्राम रमतिला निवासी डेनी बिजली सुधारने के लिए पोल पर चढ़े थे। इस घटना के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
डेनी को न्याय दिलाने के लिए हुए धरने के दौरान लाइनमैन के निलंबन की जानकारी दी गई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मवई के जूनियर इंजीनियर को भी थाने में बुलाकर पूछताछ की गई है और मामले में विवेचना शुरू हो गई है। परिवार के लिए रोजगार, एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
धरने के दौरान कार्रवाई की जानकारी
धरना स्थल पर विद्युत विभाग बिछिया के कार्यपालन अभियंता मयंक चौरसिया पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उन्होंने लाइनमैन के निलंबन की जानकारी दी। मवई के जूनियर इंजीनियर के विरुद्ध लापरवाही के आरोपों पर वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी को लिखित पत्र भी सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जूनियर इंजीनियर से थाने में पूछताछ की गई है। हालांकि, निलंबन और पूछताछ को दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। जांच में ही स्पष्ट होगा कि हादसे के समय किसकी क्या जिम्मेदारी थी और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं।
शटडाउन और सुरक्षा उपकरणों पर सवाल
घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि काम शुरू करने से पहले विद्युत लाइन का शटडाउन लिया गया था या नहीं और डेनी को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। नियमित तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका, निगरानी व्यवस्था और आउटसोर्स कर्मचारी से किसके निर्देश पर काम कराया जा रहा था, इन बिंदुओं की जांच की मांग की गई है।
आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरणों और कार्य आवंटन की निगरानी भी इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न हैं। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं, इसका जवाब जांच से सामने आना बाकी है।
पत्नी को रोजगार और एक करोड़ रुपये सहायता की मांग
जिम्मेदारों पर कार्रवाई: लापरवाही की आशंका से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित एजेंसी की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
पत्नी को रोजगार: मृतक की पत्नी को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, नायब तहसीलदार ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कही है। अंतिम निर्णय शासन को लेना है।
धरना स्थल पर पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम ने भी पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।
धरना समाप्त, न्याय की मांग जारी
मांगों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि परिवार को न्याय, रोजगार और उचित मुआवजा मिलने तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
डेनी सिंह धुर्वे की मौत ने विद्युत कार्यों में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा और विभागीय जवाबदेही का मुद्दा सामने रखा है। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और पीड़ित परिवार को वैधानिक लाभ समय पर दिलाना आवश्यक है।