ग्राम पंचायत माँगा में पटवारी की कार्यप्रणाली पर सवाल, स्थानांतरण की उठी मांग
नामांतरण, सीमांकन और पीएम किसान सत्यापन में देरी का आरोप; वार्ड सदस्य प्रवीण धुर्वे ने तहसीलदार से जांच की मांग की
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला/घुघरी। मंडला जिले की घुघरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत माँगा में राजस्व संबंधी कार्यों में कथित देरी को लेकर पटवारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। पटवारी हल्का क्रमांक 52 में नामांतरण, सीमांकन, खसरा अभिलेखों में सुधार और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है। ग्राम पंचायत माँगा के वार्ड सदस्य प्रवीण धुर्वे ने संबंधित पटवारी का स्थानांतरण कर उसके स्थान पर सक्रिय एवं योग्य पटवारी की पदस्थापना की मांग उठाई है।
वार्ड सदस्य ने तहसीलदार घुघरी से शिकायत में उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष जांच कराने और ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों में समयबद्ध राहत दिलाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि आवश्यक राजस्व कार्यों में देरी होने से किसानों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महीनों से नामांतरण लंबित रहने का आरोप, सीमांकन और खसरा सुधार पर भी सवाल
सामने आए शिकायत संबंधी पोस्टर में आरोप लगाया गया है कि पटवारी हल्का क्रमांक 52 के अंतर्गत कई नामांतरण प्रकरण महीनों से लंबित हैं। इसके अतिरिक्त खसरा अभिलेखों में त्रुटियों का सुधार नहीं होने और सीमांकन आवेदनों पर समय से कार्रवाई नहीं किए जाने की समस्या भी बताई गई है।
शिकायत में पीएम किसान योजना के सत्यापन कार्य में देरी और ऋण पुस्तिका जारी नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं। इन समस्याओं के कारण किसानों को जमीन संबंधी दस्तावेज तैयार कराने तथा सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य पूरे कराने में कठिनाई होने की बात कही गई है।
गांव में पटवारी की सीमित उपस्थिति का भी लगाया आरोप
शिकायत में संबंधित पटवारी के गांव में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप है कि पटवारी के कभी-कभी ही गांव पहुंचने से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ता है।
हालांकि, पटवारी की वास्तविक उपस्थिति, लंबित प्रकरणों की संख्या और कार्यों में देरी के कारणों की पुष्टि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड तथा निष्पक्ष जांच से ही हो सकती है। किसी भी कर्मचारी की लापरवाही का निष्कर्ष जांच से पहले नहीं निकाला जा सकता।
वार्ड सदस्य प्रवीण धुर्वे ने तहसीलदार से मांगी कार्रवाई
ग्राम पंचायत माँगा के वार्ड सदस्य प्रवीण धुर्वे ने तहसीलदार घुघरी से मांग की है कि पटवारी हल्का क्रमांक 52 की कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतों की शीघ्र जांच कराई जाए।
उन्होंने नामांतरण, सीमांकन, खसरा सुधार, पीएम किसान सत्यापन और ऋण पुस्तिका से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों के राजस्व कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने का आग्रह किया है।
वार्ड सदस्य ने संबंधित पटवारी के स्थानांतरण और उसके स्थान पर योग्य एवं सक्रिय पटवारी की पदस्थापना की मांग की है। उनका आग्रह है कि ग्रामीणों के जरूरी राजस्व कार्य समय पर पूरे हों और किसी भी आवेदक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों के लिए क्यों जरूरी हैं समय पर राजस्व संबंधी कार्य?
नामांतरण, सीमांकन और खसरा अभिलेखों में सुधार जैसे कार्य जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं। इनमें अनावश्यक देरी होने पर किसानों को भूमि संबंधी दस्तावेजों और अन्य आवश्यक कार्यों में परेशानी हो सकती है।
इसी प्रकार पीएम किसान सत्यापन और ऋण पुस्तिका से जुड़े प्रकरण समय पर पूरे नहीं होने से संबंधित आवेदकों को अतिरिक्त चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इसलिए शिकायत में बताए गए मामलों की वास्तविक स्थिति की जांच और समयबद्ध निराकरण महत्वपूर्ण है।
राजस्व विभाग के सामने सवाल, कब मिलेगा ग्रामीणों को समाधान?
ग्राम पंचायत माँगा से सामने आई शिकायत के बाद अब राजस्व विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। सवाल यह है कि क्या तहसील स्तर पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी? क्या पटवारी की उपस्थिति और कार्य निष्पादन का परीक्षण होगा? और यदि शिकायतों में लापरवाही प्रमाणित होती है, तो क्या जिम्मेदारी तय की जाएगी?
शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं पर विभागीय अभिलेखों के आधार पर जांच आवश्यक है। यदि प्रकरण वास्तव में अनावश्यक रूप से लंबित पाए जाते हैं, तो उनके निराकरण के साथ देरी के कारणों की समीक्षा की जानी चाहिए। वहीं संबंधित कर्मचारी का पक्ष भी जांच प्रक्रिया में लिया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों की मांग है कि राजस्व संबंधी कार्यों में बाधा न आए और समस्याओं का समय पर समाधान हो। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तहसीलदार और संबंधित राजस्व अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
ग्राम पंचायत माँगा में पटवारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच अब तहसील प्रशासन से शिकायत की जांच और लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण की अपेक्षा है।
समाचार में पटवारी की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोप शिकायत संबंधी जानकारी पर आधारित हैं। लंबित प्रकरणों की वास्तविक संख्या, पटवारी की उपस्थिति और कथित लापरवाही की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अंतिम स्थिति विभागीय जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
