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मां नर्मदा क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद अवैध शराब बिक्री के आरोप, मंत्री के निर्देशों पर भी नहीं थमा कारोबार!

दैनिक रेवाँचल टाईम्स | रायसेन, मध्यप्रदेश

मां नर्मदा क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद अवैध शराब बिक्री के आरोप, मंत्री के निर्देशों पर भी उठे सवाल!

भारकच्छ कला के ग्रामीणों ने शराब की होम डिलीवरी और वाहनों से सप्लाई की शिकायत की, पुलिस और आबकारी विभाग से कार्रवाई की मांग

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – रायसेन। जिले के उदयपुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में मां नर्मदा के आसपास अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि नर्मदा नदी के दोनों तटों से पांच किलोमीटर के दायरे में शराब बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद क्षेत्र में शराब का कथित अवैध कारोबार जारी है।

ग्रामीणों के अनुसार पान दुकानों, किराना दुकानों, होटलों, ढाबों और कुछ घरों से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा वाहनों के माध्यम से शराब की आपूर्ति और होम डिलीवरी किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।



पान-किराना दुकानों और ढाबों से शराब बेचने के आरोप

भारकच्छ कला के ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में शराब की उपलब्धता पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उनका आरोप है कि कुछ दुकानों, ढाबों और घरों से देशी-विदेशी शराब की कथित रूप से बिक्री की जा रही है।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शराब से भरे वाहन गांव और आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही करते हैं। शिकायत के बावजूद संबंधित विभागों की प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देने से ग्रामीणों में असंतोष है।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन संदिग्ध ठिकानों और परिवहन गतिविधियों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के निर्देशों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल

ग्रामीणों के अनुसार उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल ने पूर्व में मां नर्मदा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री रोकने के निर्देश दिए थे। उनका कहना है कि इन निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।

ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि यदि अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा नियमित जांच और कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

हालांकि मंत्री के निर्देशों के पालन में अब तक हुई विभागीय कार्रवाई का पूरा विवरण सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रक्षाबंधन पर महिलाओं ने सौंपा था लिखित आवेदन

ग्रामीणों के अनुसार रक्षाबंधन के अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं ने मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को लिखित आवेदन सौंपकर शराब की अवैध बिक्री बंद कराने और संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।

महिलाओं ने गांव में शराब की बढ़ती उपलब्धता को सामाजिक व्यवस्था और पारिवारिक वातावरण के लिए चिंताजनक बताया था।

ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन सौंपे जाने के बाद उन्हें प्रशासन से प्रभावी कदम उठाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक स्थिति में ठोस बदलाव नहीं होने की शिकायत बनी हुई है।

ग्रामीणों की प्रमुख शिकायतें

● प्रतिबंधित बताए जा रहे क्षेत्र में शराब बिक्री जारी रहने का आरोप।

● पान-किराना दुकानों और ढाबों से कथित बिक्री।

● वाहनों से शराब की आपूर्ति और होम डिलीवरी की शिकायत।

● महिलाओं के आवेदन के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप।

● पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी बढ़ाने की मांग।

कच्ची शराब पर कार्रवाई, देशी-विदेशी शराब की बिक्री पर सवाल

ग्रामीणों ने आबकारी और पुलिस विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विभागों द्वारा कभी-कभार कच्ची शराब से संबंधित कार्रवाई की जाती है, जबकि देशी और विदेशी शराब की कथित अवैध बिक्री पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।

ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण के लिए सभी प्रकार की गैरकानूनी बिक्री और परिवहन के विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई होना आवश्यक है।

हालांकि विभागों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और संबंधित शिकायतों की स्थिति के आधिकारिक अभिलेख उपलब्ध होने पर ही इन आरोपों का तथ्यात्मक परीक्षण किया जा सकता है।

प्रतिबंध के पालन और प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि नर्मदा नदी के दोनों तटों से पांच किलोमीटर के दायरे में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लागू है। ऐसे में संबंधित क्षेत्र में दुकानों और अन्य स्थानों से शराब की कथित बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

प्रतिबंध की वास्तविक कानूनी सीमा, उसके अंतर्गत आने वाले गांवों और लागू शर्तों की पुष्टि संबंधित शासन आदेश तथा आबकारी विभाग के अभिलेखों से की जानी आवश्यक है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि भारकच्छ कला सहित आसपास के क्षेत्रों में किन स्थानों पर शराब की बिक्री प्रतिबंधित है और शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शराब की अनियंत्रित उपलब्धता से गांव की सामाजिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। महिलाओं ने अपने परिवारों और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है।

ग्रामीणों के अनुसार अवैध शराब की बिक्री रोकना केवल प्रशासनिक कार्रवाई का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक शांति और परिवारों की सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी निगरानी, नियमित जांच और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

आखिर अवैध शराब की बिक्री पर रोक कब लगेगी?

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग लंबे समय से की जा रही है और मंत्री स्तर पर निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है, तो संबंधित विभागों द्वारा शिकायतों का प्रभावी निराकरण क्यों नहीं किया जा रहा।

उनका कहना है कि यदि कहीं प्रतिबंध का उल्लंघन हो रहा है तो प्रशासन को जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

साथ ही शराब आपूर्ति से जुड़े संदिग्ध वाहनों, दुकानों और अन्य स्थानों की जांच से शिकायतों की वास्तविकता सामने आ सकती है।

जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से कार्रवाई की मांग

ग्रामवासियों ने रायसेन जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से भारकच्छ कला सहित आसपास के नर्मदा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने संदिग्ध ठिकानों पर निरीक्षण, शराब परिवहन करने वाले वाहनों की जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहते, लेकिन गांव की सामाजिक व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए आवाज उठाते रहेंगे।

बड़ा सवाल : मां नर्मदा क्षेत्र में शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई कब?

भारकच्छ कला के ग्रामीणों द्वारा उठाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। प्रशासन की ओर से प्रतिबंध की स्थिति, शिकायतों पर हुई कार्रवाई और अवैध शराब बिक्री की रोकथाम के लिए अपनाए गए कदमों की जानकारी सार्वजनिक होने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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