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मंडला: 24 घंटे ड्यूटी और रात्रिकालीन कैंप के दबाव का आरोप, पटवारी संघ ने सौंपा ज्ञापन

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मंडला: 24 घंटे ड्यूटी और रात्रिकालीन कैंप के दबाव का आरोप, पटवारी संघ ने सौंपा ज्ञापन

‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ अभियान की कार्यप्रणाली पर सवाल; महिला पटवारियों की सुरक्षा और कार्य का समय तय करने की मांग



मंडला। मध्यप्रदेश शासन के ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ अभियान के तहत 24 घंटे काम कराने, रात में कैंप लगाने और तकनीकी समस्याओं के बावजूद लक्ष्य पूरा करने का दबाव बनाए जाने का आरोप मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने लगाया है। संघ ने कार्य की समय-सीमा निर्धारित करने और रात्रिकालीन कैंप तत्काल बंद करने की मांग की है।

मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई मंडला के जिलाध्यक्ष गीतेंद्र (गीतू) बैरागी ने 29 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर मंडला के माध्यम से शासन के प्रमुख सचिव राजस्व एवं आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त मध्यप्रदेश को ज्ञापन भेजकर अभियान की कार्यप्रणाली पर आपत्ति दर्ज कराई। जिला पटवारी संघ मंडला के प्रतिनिधिमंडल ने स्वामित्व रजिस्ट्री में आ रही समस्याओं को लेकर अपर कलेक्टर मंडला को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नागेंद्र दुबे, मनोज दुबे, नमन गोदरे एवं अन्य उपस्थित रहे।

तकनीकी समस्याओं के बीच लक्ष्य का दबाव

संघ का आरोप है कि सर्वे की गंभीर तकनीकी समस्याओं और संसाधनों की कमी के बावजूद पटवारियों पर निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। तकनीकी दिक्कतें दूर किए बिना प्रतिदिन लक्ष्य तय किए जा रहे हैं। संघ के अनुसार, लक्ष्य पूरा नहीं होने पर पटवारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की स्थिति बन रही है।

संघ ने कहा कि तकनीकी समस्याओं का समाधान किए बिना केवल मैदानी कर्मचारियों पर दबाव बनाना उचित नहीं है।

लगातार ड्यूटी से स्वास्थ्य प्रभावित होने की शिकायत

ज्ञापन में पटवारियों से दिन-रात लगातार 24 घंटे काम कराए जाने पर आपत्ति जताई गई है। संघ का कहना है कि अभियान के दौरान अवकाश के दिनों में भी कर्मचारियों को काम करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। लगातार काम और प्रशासनिक दबाव से उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संघ ने अभियान की समय-सीमा पूरी करने के साथ कर्मचारियों के स्वास्थ्य और मानवीय अधिकारों का ध्यान रखने की मांग की है।

महिला पटवारियों की रात्रिकालीन ड्यूटी पर आपत्ति

संघ ने महिला पटवारियों को रात में दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी पर लगाए जाने को सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक बताया है। ज्ञापन में कहा गया है कि शासन के निर्देशानुसार विशेष परिस्थितियों को छोड़कर महिला कर्मचारियों की रात्रिकालीन ड्यूटी नहीं लगाई जानी चाहिए। संघ का आरोप है कि इसके बावजूद अभियान के दौरान महिला पटवारियों से देर रात तक काम कराया जा रहा है।

संघ ने दूरस्थ क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।

सुबह 10 से शाम 6 बजे तक काम कराने की मांग

मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने जिला प्रशासन से अभियान के कार्यों और कैंप का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित करने तथा रात्रिकालीन कैंप तत्काल बंद करने की मांग की है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि अभियान के दौरान किसी पटवारी के साथ अप्रिय घटना होने या शारीरिक क्षति पहुंचने पर शासन-प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा।

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