जेल ग्राउंड से 2 किलोमीटर दूर पहुंचा पटाखा बाजार, व्यापारियों में नाराजगी!
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। दीपावली पर्व के मद्देनजर मंडला में पटाखा बाजार के स्थान परिवर्तन को लेकर व्यापारियों की नाराजगी सामने आ रही है। वर्षों से शहर के जेल ग्राउंड में लगने वाला पटाखा बाजार इस बार करीब दो किलोमीटर दूर बड़ी खैरी मैदान में लगाया जाएगा। प्रशासन के इस निर्णय से पटाखा कारोबारियों को बिक्री प्रभावित होने की चिंता सता रही है।
व्यापारियों का आरोप है कि स्थान परिवर्तन का निर्णय लेने से पहले उनसे पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। उनका कहना है कि मुख्य बाजार से दूरी बढ़ने के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो सकती है, जिससे त्योहार के अवसर पर कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
जेल ग्राउंड की जगह बड़ी खैरी में सजेगा पटाखा बाजार
मंडला शहर में लंबे समय से जेल ग्राउंड पटाखा बाजार का प्रमुख स्थान रहा है। इस बार प्रशासन ने बाजार को बड़ी खैरी स्थित छाया कश्मीरे वाले मैदान में लगाने का निर्णय लिया है।
यह वही मैदान है, जहां प्रतिवर्ष मातारानी की स्थापना और धार्मिक आयोजन किए जाते रहे हैं। अब यहां दीपावली के लिए अस्थायी पटाखा बाजार लगाया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि नए स्थान की दूरी के कारण ग्राहकों को अतिरिक्त आवागमन करना पड़ेगा। इससे बिक्री पर कितना असर पड़ेगा, यह बाजार शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुराना स्थान : जेल ग्राउंड, मंडला
नया स्थान : छाया कश्मीरे वाला मैदान, बड़ी खैरी
बताई गई दूरी : लगभग 2 किलोमीटर
आवंटित दुकानें : 60
आवंटन प्रक्रिया : लॉटरी सिस्टम
बिक्री व्यवस्था : निर्धारित बाजार में ही पटाखों की बिक्री की अनुमति
पहली बार लॉटरी सिस्टम से 60 दुकानों का आवंटन
इस बार पटाखा दुकानों के आवंटन में भी बदलाव किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंडला में पहली बार लॉटरी सिस्टम के माध्यम से दुकानों के लिए स्थान आवंटित किए गए हैं।
बड़ी खैरी मैदान में कुल 60 दुकानों के लिए प्लॉट निर्धारित कर आवंटन प्रक्रिया पूरी की गई है। हालांकि व्यापारियों की नाराजगी मुख्य रूप से बाजार का स्थान बदलने को लेकर बताई जा रही है।
व्यापारियों के सामने दुकान लगाने का खर्च, सामान का परिवहन, ग्राहकों को नए बाजार तक पहुंचाने और बिक्री के माध्यम से लागत निकालने जैसी चुनौतियां हैं।
शहर में दूसरी जगह पटाखा बिक्री पर प्रशासन की सख्ती
प्रशासन की ओर से निर्धारित पटाखा बाजार के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन कर पटाखे बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही गई है।
दूसरी ओर, मुख्य बाजार क्षेत्र में कथित रूप से नियमों के विपरीत पटाखों की बिक्री होने संबंधी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। हालांकि इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विक्रेताओं की अनुमति की स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।
व्यापारियों का सवाल है कि यदि निर्धारित बाजार में ही बिक्री की शर्त लागू है, तो सभी विक्रेताओं पर समान रूप से नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
क्या शहर से दूरी के कारण प्रभावित होगा कारोबार?
दीपावली पर पटाखों की खरीदारी मुख्य रूप से त्योहार के आसपास के दिनों में होती है। ऐसे में व्यापारियों को आशंका है कि मुख्य बाजार से लगभग दो किलोमीटर दूर नया स्थान होने के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
व्यापारियों के अनुसार पटाखा बाजार में दुकान लगाने के लिए उन्हें पहले से धन निवेश करना पड़ता है। यदि अपेक्षित ग्राहक नहीं पहुंचे तो कारोबार की लागत निकालना कठिन हो सकता है।
हालांकि बाजार में वास्तविक बिक्री और ग्राहकों की संख्या के आंकड़े उपलब्ध होने के बाद ही स्थान परिवर्तन के आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
सुरक्षा के साथ व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी
पटाखा बाजार के संचालन में अग्नि सुरक्षा, दुकानों के बीच निर्धारित दूरी, आपातकालीन निकासी, यातायात और पार्किंग व्यवस्था का विशेष महत्व है। प्रशासन द्वारा स्थान परिवर्तन का निर्णय सुरक्षा तथा व्यवस्था से जुड़े कारणों के आधार पर लिया गया हो सकता है, लेकिन इसके आधिकारिक कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आना आवश्यक है।
व्यापारियों की अपेक्षा है कि नए बाजार में ग्राहकों के लिए सुगम पहुंच, पर्याप्त पार्किंग, प्रकाश, पेयजल, अग्निशमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती, सुरक्षा भी और कारोबार भी
पटाखा बाजार को लेकर अब प्रशासन के सामने सुरक्षा मानकों का पालन कराने के साथ व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने की चुनौती है।
एक ओर निर्धारित स्थल पर सुरक्षित तरीके से पटाखा बिक्री कराना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों की चिंताओं और बाजार तक ग्राहकों की पहुंच पर भी ध्यान देना आवश्यक माना जा रहा है।
शहर में नियमों के विरुद्ध पटाखा बिक्री संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और सभी दुकानदारों पर समान नियम लागू करना भी महत्वपूर्ण होगा।
जेल ग्राउंड से बड़ी खैरी मैदान में पटाखा बाजार स्थानांतरित किए जाने से व्यापारियों में चिंता है। अब देखना होगा कि प्रशासन की व्यवस्थाएं ग्राहकों की पहुंच आसान बनाने और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान में कितनी प्रभावी साबित होती हैं।
