मंडला में भूमि विवाद के बीच खेत में रोकी गई फसल, कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान ने लगाई गुहार
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला।

मंडला जिले के मवई विकासखंड की ग्राम पंचायत नहरगंज में भूमि विवाद के बीच एक किसान की कटी और खड़ी फसल खेत में ही रोक दी गई। किसान का आरोप है कि फसल की सुरक्षा के लिए मोतीनाला थाने में पहले ही लिखित आवेदन देने के बावजूद विवाद होने पर पुलिस ने फसल जब्त कर उसे खेत में ही रखने का पंचनामा बना दिया। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान ने अब फसल और परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंता जताई है।
अंतिम आदेश तक यथास्थिति के निर्देश
बताया गया है कि विवादित भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। एसडीएम न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शांति बनाए रखने और अंतिम आदेश तक यथास्थिति कायम रखने के निर्देश दिए थे। किसान के अनुसार, वह वर्षों से इस भूमि पर खेती करता आ रहा है और उसने कर्ज लेकर जुलाई में धान की फसल बोई थी।
फसल पकने पर किसान ने पुलिस को आवेदन देकर आशंका जताई थी कि दूसरा पक्ष उसे फसल काटने से रोक सकता है। किसान का आरोप है कि पिछली बार मारपीट कर उसकी फसल ले जाई गई थी। इस बार भी उसने परिवार को धमकी मिलने की आशंका जताई थी।
विवाद बढ़ने पर डायल-112 को दी सूचना
किसान के अनुसार, जब वह परिवार के साथ फसल काटने खेत पहुंचा, तो दूसरे पक्ष के कई लोग भी वहां पहुंच गए। विवाद बढ़ने पर डायल-112 को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाद शांत कराने के लिए कटी और खड़ी फसल को जब्त कर खेत में ही रखने का पंचनामा बनाया। कार्रवाई में न्यायालय के अंतिम फैसले तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का हवाला दिया गया।
फसल की सुरक्षा और आजीविका की चिंता
किसान के सामने अब सवाल है कि कर्ज लेकर उगाई गई फसल का क्या होगा और परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। पहले से लिखित आवेदन दिए जाने के बाद फसल की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों और खेत में पड़ी फसल को संभावित नुकसान से बचाने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल हैं।
फिलहाल किसान न्याय और अपनी मेहनत की फसल के लिए गुहार लगा रहा है। उसकी चिंता है कि न्यायालय में मामला लंबित रहने के दौरान फसल की सुरक्षा और आजीविका के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी।