मंडला में कोटवारों का धरना जारी, रैली निकालकर सौंपेंगे ज्ञापन; 31 अक्टूबर को भोपाल में आंदोलन
लंबित मांगों को लेकर एक सप्ताह से कलेक्टोरेट मार्ग पर धरना
मंडला। प्रांतीय आह्वान पर जिले के कोटवार पिछले एक सप्ताह से कलेक्टोरेट मार्ग पर धरने पर बैठे हैं। अपनी लंबित मांगों को लेकर कोटवार बुधवार 29 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे विशाल रैली निकालेंगे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद वे 31 अक्टूबर को भोपाल में होने वाले प्रदेश स्तरीय आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।

स्थायी नौकरी, सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग
मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ जिला इकाई मंडला के पदाधिकारियों ने बताया कि शासन के तमाम विभागों का काम लेने के बावजूद सरकार उनकी नौकरी स्थायी नहीं कर रही है। उनका कहना है कि उन्हें सम्मानजनक वेतन, कोटवारी भूमि का मालिकाना हक तथा सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन और बीमा आदि का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इससे कोटवार परिवारों में आर्थिक और सामाजिक संकट बना हुआ है।
तीन साल से वर्दी और अन्य सामग्री की राशि नहीं मिलने का आरोप
पदाधिकारियों का आरोप है कि वर्दी, गर्म कपड़े, जूते और टार्च की राशि उनके खातों में तीन साल से जमा नहीं कराई गई है, जबकि अन्य जिलों में कोटवारों के खातों में यह राशि जमा होती आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन घटिया कपड़े से बनी, पहनने योग्य नहीं होने वाली रेडीमेड वर्दी कोटवारों को देने का लगातार प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, दो वर्षों की वर्दी तहसील मुख्यालयों में रखी सड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कोटवारों का कहना है कि सरकार लंबे समय से उनके साथ छलावा कर रही है। इसी के विरोध में प्रदेश भर के कोटवार 31 अक्टूबर को भोपाल में एकत्र हो रहे हैं।
जिला और तहसील पदाधिकारी कर रहे नेतृत्व
आंदोलन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष रमेश सोनवानी, जिला संगठन प्रभारी एवं प्रदेश प्रवक्ता कुंवर दास धारवैया, संभाग सदस्य संत कुमार मरकाम, तहसील अध्यक्ष नैनपुर राजकुमार दास, जिला कोषाध्यक्ष धीरज बैरागी और जिला संरक्षक आशाराम मलगाम कर रहे हैं। इनके साथ तहसील मंडला, बिछिया और नैनपुर के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ के सदस्य भी मुख्य रूप से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।