छिंदवाड़ा में धू-धू कर जला 51 फीट का रावण, आतिशबाजी से जगमगाया आसमान
जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा दशहरा मैदान, भव्य शोभायात्रा और रामलीला मंचन ने बांधा समां
शाम 6:30 बजे 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह।
दैनिक रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा। विजयादशमी के पावन अवसर पर छिंदवाड़ा शहर में धार्मिक आस्था, उत्साह और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया।
शहर के दशहरा मैदान में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होते ही पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आसमान में बिखरती रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने उत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे शहरवासियों ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लिया।
छोटी बाजार से निकली श्रीरामलीला की भव्य शोभायात्रा
विजयादशमी के अवसर पर शहर में श्रीरामलीला की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा छोटी बाजार से प्रारंभ होकर मेन रोड, गोलगंज और फव्वारा चौक से गुजरते हुए दशहरा मैदान पहुंची।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भगवान श्रीराम के जयकारों और धार्मिक वातावरण के बीच शहर में दशहरा पर्व की रौनक बनी रही।
रावण, मेघनाद और अहिरावण के युद्ध प्रसंगों ने मोहा मन
दशहरा मैदान में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान रावण, मेघनाद और अहिरावण से जुड़े युद्ध प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई। कलाकारों के अभिनय और धार्मिक प्रसंगों ने उपस्थित दर्शकों को आकर्षित किया।
रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श, धर्म की रक्षा और अधर्म पर विजय का संदेश दिया गया। दर्शकों ने उत्साहपूर्वक मंचन का आनंद लिया।
शाम 6:30 बजे पुतला दहन के साथ आतिशबाजी का शानदार नजारा देखने को मिला।
शाम 6:30 बजे हुआ रावण दहन, आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान
कार्यक्रम का सबसे प्रतीक्षित क्षण शाम करीब 6:30 बजे आया, जब 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतला धू-धू कर जलने लगा और पूरा दशहरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
इस दौरान की गई रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने आसमान को रोशन कर दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने रावण दहन के दृश्य को उत्साह के साथ देखा। इसके बाद श्रीरामलीला की आरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
संतों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में राष्ट्रीय संत पूज्य गुरुदेव विवेक जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छिंदवाड़ा-पांढुर्ना क्षेत्र के सांसद विवेक बंटी साहू ने की।
विशिष्ट अतिथियों में महापौर विक्रम अहके, नगर निगम अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना शामिल रहे।
इसके अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे, पूनमचंद साहू, डॉ. मनन गोगिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
रावण दहन ने दिया अहंकार और अधर्म के अंत का संदेश
विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति में सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक माना जाता है। रावण दहन के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है।
भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश इस आयोजन का प्रमुख भाव रहा। रावण दहन ने लोगों को अपने भीतर की बुराइयों को त्यागने और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
रावण का पुतला जलाने के साथ मनुष्य को अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और अन्याय की भावना को भी समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
एक-दूसरे को दी दशहरे की शुभकामनाएं
आयोजन के समापन पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। धार्मिक उल्लास, रामलीला मंचन, भव्य शोभायात्रा और रावण दहन के साथ छिंदवाड़ा में दशहरा उत्सव संपन्न हुआ।
इस आयोजन ने शहरवासियों को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया।
जय श्रीराम के जयकारों और भव्य आतिशबाजी के बीच छिंदवाड़ा में उत्साहपूर्वक मनाया गया विजयादशमी पर्व।
