मंडला फोर्ट में 15 महीनों से सिर्फ 'विश्राम' कर रही पेंचवैली एक्सप्रेस की खाली रैक!
स्टेशन आधुनिक बना, लेकिन सीधी ट्रेन का इंतजार बरकरार; व्यावसायिक विस्तार नहीं होने पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का सवाल—जब पेंचवैली एक्सप्रेस की रैक नैनपुर से मंडला फोर्ट तक लाई जा रही है, तो इसी मार्ग पर यात्री सेवा शुरू करने में क्या बाधा है?
दैनिक रेवाँचल टाईम्स | मंडला/नैनपुर। मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक स्वरूप प्रदान किए जाने के बाद भी जिले की जनता को प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी का इंतजार है। स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विकास के बीच अब पेंचवैली एक्सप्रेस के विस्तार का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि इंदौर से छिंदवाड़ा और सिवनी के रास्ते नैनपुर पहुंचने वाली पेंचवैली एक्सप्रेस, ट्रेन संख्या 19343/19344 की खाली रैक लगभग 15 महीनों से मंडला फोर्ट स्टेशन तक लाई जा रही है। इसके बावजूद मंडला फोर्ट से यात्रियों को इस ट्रेन में चढ़ने या टिकट बुक कराने की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
इस स्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—जब रेलगाड़ी की खाली रैक मंडला तक पहुंच रही है, तो उसका उपयोग नियमित यात्री सेवा के रूप में क्यों नहीं किया जा सकता?
करोड़ों से संवरा स्टेशन, सीधी ट्रेन का इंतजार
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण पर बड़ी राशि खर्च किए जाने की बात सामने आई है। स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम हुआ है।
हालांकि, स्थानीय यात्रियों का कहना है कि स्टेशन की सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब यहां से प्रमुख शहरों के लिए सुविधाजनक रेल सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
स्टेशन के विकास पर खर्च तो हुआ, लेकिन भोपाल और इंदौर के लिए सीधी ट्रेन सुविधा कब मिलेगी?
नैनपुर से मंडला आती है खाली रैक, दिनभर खड़ी रहने का दावा
उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पेंचवैली एक्सप्रेस की परिचालन व्यवस्था कुछ इस प्रकार बताई जा रही है:
दोपहर 1:10 बजे: इंदौर से ट्रेन के प्रस्थान का समय बताया गया है।
सुबह 6:30 बजे: ट्रेन नैनपुर पहुंचती है।
दिन के समय: खाली रैक को मंडला फोर्ट लाकर खड़ा किया जाता है।
शाम लगभग 4:30 बजे: रैक वापस नैनपुर भेजी जाती है।
शाम 7:00 बजे: नैनपुर से इंदौर की ओर ट्रेन प्रस्थान करती है।
ये समय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। इनकी वर्तमान रेलवे समय-सारणी से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
स्थानीय नागरिकों का तर्क है कि यदि खाली रैक को मंडला फोर्ट तक लाने और वापस नैनपुर भेजने की परिचालन व्यवस्था पहले से मौजूद है, तो इस मार्ग पर व्यावसायिक यात्री संचालन शुरू करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाना चाहिए।
आदिवासी बहुल जिले के यात्रियों को महंगी बस यात्रा का सहारा
मंडला आदिवासी बहुल जिला है। यहां से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, मरीज, व्यापारी और अन्य यात्री भोपाल तथा इंदौर की यात्रा करते हैं।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, मंडला से इंदौर के लिए प्रतिदिन लगभग तीन और भोपाल के लिए पांच बसें संचालित होती हैं। ऐसे में यात्रियों के सामने बस यात्रा का खर्च और लंबी दूरी की असुविधा जैसी चुनौतियां रहती हैं।
यदि पेंचवैली एक्सप्रेस का व्यावसायिक विस्तार मंडला फोर्ट तक किया जाता है, तो यात्रियों को सीधी रेल सेवा का विकल्प मिल सकता है। साथ ही रेलवे के लिए अतिरिक्त यात्री संख्या और राजस्व की संभावनाएं भी बन सकती हैं।
खाली रैक का मंडला फोर्ट तक आना और नियमित यात्री सेवा शुरू होना दो अलग परिचालन व्यवस्थाएं हैं। सवाल यह है कि रेलवे ने विस्तार की व्यवहार्यता पर क्या निर्णय लिया और यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
पश्चिम रेलवे की सहमति का दावा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे पर सवाल
इस मुद्दे को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, ट्रेन के प्राथमिक रखरखाव से जुड़े पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल को मंडला फोर्ट तक व्यावसायिक विस्तार पर आपत्ति नहीं होने की बात पत्राचार में सामने आई है।
हालांकि, इस दावे से संबंधित आधिकारिक पत्र और रेलवे की अंतिम स्वीकृति का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में पश्चिम रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल तथा बिलासपुर स्थित जोनल मुख्यालय की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
रेलवे को यह बताना चाहिए कि प्रस्ताव किस स्तर पर लंबित है और इसके लिए समय-सारणी, परिचालन, रखरखाव, प्लेटफॉर्म उपलब्धता या अन्य किन स्वीकृतियों की आवश्यकता है।
9 जून को उठा था मुद्दा, चार महीने से अधिक समय बाद भी इंतजार
सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सोलंकी द्वारा 9 जून को सोशल मीडिया के माध्यम से पेंचवैली एक्सप्रेस के मंडला फोर्ट तक विस्तार की मांग उठाए जाने की जानकारी दी गई है।
बताया गया है कि इस मांग पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल की ओर से संज्ञान लेकर विषय को संबंधित वाणिज्यिक विभाग तक जनमांग के रूप में पहुंचाने का आश्वासन दिया गया था।
इसके चार महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद मंडला फोर्ट से पेंचवैली एक्सप्रेस का नियमित व्यावसायिक संचालन शुरू होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इससे स्थानीय नागरिकों और रेल यात्रियों में निराशा है।
रेलवे प्रशासन से इन सवालों के जवाब की अपेक्षा
पहला सवाल: क्या पेंचवैली एक्सप्रेस के मंडला फोर्ट तक व्यावसायिक विस्तार का प्रस्ताव रेलवे के विचाराधीन है?
दूसरा सवाल: यदि प्रस्ताव लंबित है, तो वह किस विभाग या रेलवे जोन के स्तर पर है?
तीसरा सवाल: मंडला फोर्ट तक खाली रैक के आवागमन के बावजूद यात्री सेवा शुरू करने में क्या परिचालन बाधाएं हैं?
चौथा सवाल: क्या रेलवे ने यात्री मांग, संभावित राजस्व और तकनीकी व्यवहार्यता का अध्ययन किया है?
पांचवां सवाल: मंडला जिले की जनता को इस मांग पर स्पष्ट निर्णय कब तक मिलेगा?
मंडला को चाहिए स्टेशन के साथ बेहतर रेल कनेक्टिविटी
मंडला फोर्ट स्टेशन के विकास के बाद स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि यहां से रेल सेवाओं का भी विस्तार किया जाए। पेंचवैली एक्सप्रेस की खाली रैक के आवागमन को देखते हुए मंडला फोर्ट से यात्री संचालन की संभावना पर रेलवे प्रशासन से ठोस निर्णय की मांग की जा रही है।
इस मामले में रेलवे प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। रेलवे से जवाब मिलने पर ही यह तय हो सकेगा कि व्यावसायिक विस्तार में वास्तविक बाधा क्या है।
मंडला फोर्ट तक खाली ट्रेन पहुंच रही है, तो क्या यात्रियों को भी इसका लाभ मिल सकेगा? अब क्षेत्र की जनता को रेलवे प्रशासन के स्पष्ट जवाब और ठोस निर्णय का इंतजार है।
