बॉम्बे हाईकोर्ट से डॉ. अख्तर हसन रिज़वी को बड़ी कानूनी राहत, FIR रद्द
आपसी सहमति से सुलझा विवाद, एडवोकेट रुबीना अख्तर रिज़वी की रही महत्वपूर्ण भूमिका
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मुंबई। नेहाल हसन की रिपोर्ट। शिक्षाविद एवं जाने-माने कारोबारी डॉ. अख्तर हसन रिज़वी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिलने की जानकारी सामने आई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, जस्टिस मिलिंद जाधव की अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है।
आपसी समझौते के आधार पर मिली राहत
मामले में शिकायतकर्ताओं और डॉ. रिज़वी के बीच आपसी सहमति से विवाद का समाधान किया गया। दोनों पक्षों की ओर से अदालत में सहमति की शर्तें (Consent Terms) प्रस्तुत की गई थीं। एफआईआर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका क्रमांक Lodging No. 20292 of 2026 दाखिल की गई थी।
एडवोकेट रुबीना अख्तर रिज़वी की महत्वपूर्ण भूमिका
इस कानूनी प्रक्रिया में डॉ. रिज़वी की पत्नी एवं अधिवक्ता रुबीना अख्तर रिज़वी की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है। उन्होंने कानूनी दस्तावेजों, जवाब तैयार करने और आपसी समझौते से संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान दिया।
लंबे कानूनी विवाद के बाद राहत
करीब 85 वर्षीय डॉ. अख्तर हसन रिज़वी के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से जारी कानूनी अनिश्चितता के बीच एफआईआर रद्द होने से उन्हें राहत मिली है। हालांकि, आदेश का विस्तृत कानूनी प्रभाव हाईकोर्ट के अंतिम निर्देशों के अनुसार ही निर्धारित होगा।
