Breaking

revanchal times new

पॉक्सो मामले में आरोपी सुरेंद्र टांडेकर दोषमुक्त



विशेष न्यायाधीश किरण कोल की अदालत का फैसला, अभियोजन आरोप सिद्ध करने में रहा विफल

लखनवाड़ा थाने में दर्ज हुआ था मामला


दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी - लखनवाड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े चर्चित पॉक्सो एक्ट मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी सुरेंद्र टांडेकर को दोषमुक्त कर दिया है। मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता डी.पी. विश्वकर्मा एवं प्रहलाद सनोडिया ने पैरवी की।

गंभीर धाराओं में दर्ज था अपराध

प्रकरण थाना लखनवाड़ा के अपराध क्रमांक 317/2024 से संबंधित है। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 96, 64, 64(2)M तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5J(2), 5L एवं 6 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) किरण कोल की अदालत में हुई।

साक्षियों के बयानों का किया प्रभावी प्रतिपरीक्षण

विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विभिन्न साक्षियों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं डी.पी. विश्वकर्मा एवं प्रहलाद सनोडिया ने साक्षियों का प्रतिपरीक्षण करते हुए अभियोजन के साक्ष्यों और बयानों में सामने आए विरोधाभासों को न्यायालय के समक्ष रखा।

बचाव पक्ष ने साक्ष्यों पर उठाए सवाल

बचाव पक्ष ने अपने तर्कों में कहा कि अभियोजन आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा है। अधिवक्ताओं ने प्रकरण से जुड़े कानूनी पहलुओं और विभिन्न न्याय दृष्टांतों का हवाला देते हुए आरोपी को दोषमुक्त किए जाने की मांग की।


अभियोजन आरोप प्रमाणित नहीं कर सका

मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश किरण कोल ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। इसके बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी सुरेंद्र टांडेकर को सभी आरोपों से दोषमुक्त करने का आदेश पारित किया।

अधिवक्ताओं ने बताया न्याय की जीत

फैसले के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता डी.पी. विश्वकर्मा ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों और तथ्यों के महत्व की जीत बताया। वहीं अधिवक्ता प्रहलाद सनोडिया ने भी न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया।

फैसले के बाद अधिवक्ताओं की पैरवी चर्चा में

पॉक्सो से जुड़े इस मामले में न्यायालय द्वारा अभियोजन के आरोप प्रमाणित नहीं पाए जाने के बाद आरोपी को दोषमुक्त किया गया है। फैसले के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता डी.पी. विश्वकर्मा एवं प्रहलाद सनोडिया की पैरवी की चर्चा अधिवक्ता वर्ग में रही।

Post a Comment

Previous Post Next Post