नैनपुर सिविल अस्पताल में डायलिसिस सेवा बनी किडनी मरीजों के लिए बड़ी राहत
दैनिक रेवांचल टाईम्स - नैनपुर। नैनपुर सिविल अस्पताल में शुरू की गई डायलिसिस सुविधा किडनी रोगियों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। 14 अक्टूबर 2025 को डायलिसिस मशीन स्थापित होने के बाद से अब तक यहां 1,087 डायलिसिस प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इस सुविधा का लाभ नैनपुर के अलावा आसपास के क्षेत्रों और दूसरे जिलों से आने वाले मरीजों को भी मिल रहा है।
नैनपुर में डायलिसिस सुविधा शुरू होने से पहले किडनी रोगियों को उपचार के लिए मंडला या अन्य शहरों में जाना पड़ता था। नियमित डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए यह यात्रा न केवल समय लेने वाली थी, बल्कि आर्थिक रूप से भी काफी बोझिल थी।
अब स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को लंबी दूरी की यात्रा, आने-जाने की परेशानी और अतिरिक्त खर्च से राहत मिली है।
मंडला जाने का खर्च बचा
यदि नैनपुर से किसी मरीज को डायलिसिस के लिए मंडला जाना पड़ता, तो आने-जाने और अन्य आवश्यक खर्चों में एक बार का न्यूनतम खर्च करीब 2,000 रुपये आता था। सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराने पर यह खर्च लगभग 6,000 रुपये हो जाता था।
मरीज के परिवार पर संभावित आर्थिक बोझ
नैनपुर में डायलिसिस सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों का यह खर्च काफी हद तक बच रहा है। साथ ही यात्रा में लगने वाला समय, मरीज की शारीरिक परेशानी और परिजनों की भागदौड़ भी कम हुई है।
वर्तमान में दो मशीनें, दो और की जरूरत
नैनपुर सिविल अस्पताल में वर्तमान में दो डायलिसिस मशीनों के माध्यम से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। डायलिसिस सेवा दो शिफ्टों में संचालित होती है और महीने के प्रत्येक रविवार को अवकाश रहता है।
मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में दो अतिरिक्त डायलिसिस मशीनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इससे कुल चार मशीनों के जरिए अधिक मरीजों को समय पर उपचार दिया जा सकेगा।
अतिरिक्त मशीनें उपलब्ध होने पर प्रतीक्षा अवधि कम होगी, नियमित डायलिसिस कराने वाले मरीजों को निर्धारित तिथि और समय पर उपचार मिल सकेगा तथा दूसरे जिलों से आने वाले मरीजों को भी अधिक सुविधा प्राप्त होगी।
जबलपुर संभाग में तहसील स्तर की महत्वपूर्ण सुविधा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जबलपुर संभाग में जिला अस्पतालों से अलग तहसील स्तर पर डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने वाले प्रमुख स्थानों में नैनपुर और गाडरवारा शामिल हैं।
वहीं मध्य प्रदेश में जिला अस्पतालों को छोड़कर तहसील स्तर पर सरकारी डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने वाले लगभग 19 स्थान बताए जा रहे हैं।
साफ-सुथरा और व्यवस्थित डायलिसिस कक्ष
नैनपुर सिविल अस्पताल में डायलिसिस के लिए बनाया गया कक्ष साफ-सुथरा और व्यवस्थित है। मरीजों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपचार दिया जा रहा है।
- स्वच्छता पर विशेष ध्यान
- संक्रमण नियंत्रण
- मशीनों का नियमित रखरखाव
- मरीजों की लगातार निगरानी
- निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपचार
दो शिफ्टों में सेवा संचालित होने से वर्तमान मशीनों का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त मशीनों की आवश्यकता महसूस हो रही है।
दूसरे जिलों के मरीज भी लाभान्वित
नैनपुर सिविल अस्पताल की डायलिसिस सुविधा का लाभ केवल नैनपुर क्षेत्र के मरीजों तक सीमित नहीं है। आसपास के क्षेत्रों और दूसरे जिलों से आने वाले मरीज भी यहां उपचार करा रहे हैं।
किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस लंबे समय तक चलने वाली उपचार प्रक्रिया होती है। ऐसे में उपचार केंद्र मरीज के निवास स्थान के जितना नजदीक हो, मरीज और उसके परिवार के लिए उतना ही सुविधाजनक रहता है।
नैनपुर में सुविधा शुरू होने से मरीजों की नियमित उपचार के लिए मंडला या अन्य शहरों पर निर्भरता कम हुई है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की मिसाल
नैनपुर सिविल अस्पताल में डायलिसिस सुविधा शुरू होना क्षेत्र की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य उपलब्धियों में शामिल है। इससे गंभीर किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों को स्थानीय स्तर पर नियमित उपचार मिल रहा है। मरीजों का समय, यात्रा की परेशानी और बड़ी आर्थिक लागत बच रही है।
अब दो अतिरिक्त मशीनों की दरकार
अब जरूरत इस बात की है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में दो अतिरिक्त डायलिसिस मशीनें जल्द उपलब्ध कराई जाएं। इससे वर्तमान व्यवस्था पर दबाव कम होगा, उपचार क्षमता बढ़ेगी और नैनपुर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों तथा दूसरे जिलों के मरीजों को भी समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
