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मंडला में पिछड़ा वर्ग मोर्चा सड़क पर उतरा, जातिवार जनगणना समेत किसानों की मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 


दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला।जनगणना-2027 में जातिवार जनगणना एवं ओबीसी के आंकड़े अलग से दर्ज किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन द्वारा मंडला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में जातिवार जनगणना से लेकर किसानों, बेरोजगारों और शहर की बदहाल सड़कों से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। मोर्चा के पदाधिकारियों और पिछड़ा वर्ग का कहना है कि जनगणना-2027 में देश की सामाजिक संरचना से जुड़े वास्तविक आंकड़े सामने लाने के लिए ओबीसी की भी पृथक एवं वैज्ञानिक तरीके से गणना आवश्यक है। संगठन ने मांग की है कि जिस पद्धति से एससी-एसटी की जनगणना की जाती है, उसी प्रकार ओबीसी की भी जातिवार जनगणना कराई जाए।



*जाति के आंकड़ों के लिए छह प्रमुख मांगें*

मोर्चा द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में जातिवार जनगणना के लिए आधिकारिक एवं व्यापक जाति निर्देशिका तैयार करने, प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड देने तथा जाति संबंधी आंकड़ों के संग्रह, सत्यापन और संकलन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और ऑडिट योग्य बनाने की मांग की गई है। साथ ही स्थानीय एवं अंतरराज्यीय जातियों के सत्यापन की स्पष्ट व्यवस्था करने की बात भी कही गई है। संगठन ने ‘ओपन कॉलम’ व्यवस्था के स्थान पर मानव-निर्मित विकल्प आधारित प्रमाणित व्यवस्था अपनाने की मांग रखी है।



*किसानों के मुद्दे भी बने आंदोलन का हिस्सा*

संगठन ने अपने दूसरे ज्ञापन में ओबीसी महासभा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में मांग रखते हुए बतलाया गया है छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी धान का समर्थन मूल्य ₹3500 प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की गई है। इसके अलावा खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं की कीमतों को कम करने तथा किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। मोर्चा ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू भावांतर योजना को तत्काल वापस लेने के साथ ही बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने तथा मंडला शहर में जगह जगह सीवर लाइन के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

बैकलॉग भर्ती शुरू करने की मांग*

ज्ञापन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ किए जाने की मांग भी उठाई गई है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने से योग्य अभ्यर्थियों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं, और पढ़े लिखे युवक युवतियां बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।

2 सितंबर से प्रशासनिक स्तर पर आंदोलन की चेतावनी*

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा दिए गए पहले ज्ञापन में 25 अगस्त 2026 को प्रथम चरण में जिला एवं तहसील स्तर पर ज्ञापन देने तथा इसके बाद 2 सितंबर 2026 से प्रशासनिक कार्यालयों के समक्ष क्रमिक धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी। मंडला में 2 सितंबर को सौंपे गए ज्ञापन पर बड़ी संख्या में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जातिवार जनगणना, किसानों की मांगों और बैकलॉग भर्ती जैसे मुद्दों पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है। सवाल अब यही है जब जनगणना देश की सामाजिक तस्वीर तैयार करने का सबसे बड़ा आधार है, तो ओबीसी की वास्तविक संख्या के आंकड़े दर्ज करने में आखिर आपत्ति किस बात की?

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