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महर्षि विद्या मंदिर में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व




​नन्हें-मुन्नों ने राधा-कृष्ण के रूप में मोहा मन

प्रतियोगिताओं में दिखा बच्चों का उत्साह

​महर्षि विश्व शांति आंदोलन के तहत भारतीय संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हो रहे विद्यार्थी

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा|नागपुर रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर सीबीएसई मान्यता प्राप्त में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया।

 इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आकर्षक प्रतियोगिताओं की धूम रही।

​सुबह से ही विद्यार्थियों में पर्व को लेकर भारी उत्साह देखा गया। विद्यालय के प्राथमिक वर्ग के नन्हें-मुन्ने बच्चे राधा और कृष्ण की मनमोहक पोशाकों में सज-धजकर पहुंचे, जिनकी मनभावन प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया।



रोमांचक प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

​समारोह के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कौशल को परखने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों ने 'मटकी सजावट' प्रतियोगिता में अपनी कलात्मकता का परिचय दिया, वहीं हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों ने 'मटकी फोड़' प्रतियोगिता में अपनी ऊर्जा और सामूहिक प्रयास का शानदार प्रदर्शन किया। छोटे बच्चों ने भी मटकी फोड़ का जमकर आनंद लिया।


​विजेताओं की सूची

​मटकी सजावट प्रतियोगिता

​प्रथम स्थान गौरवानी देशमुख, ​द्वितीय स्थान हर्षिल सोनी,​तृतीय स्थान गौरवानी अल्डक

​चतुर्थ स्थान अनुकृति प्रकृति


​मटकी फोड़ प्रतियोगिता

​प्रथम स्थान पाराशर हाउस, ​द्वितीय स्थान व्यास भवन

​वेशभूषा प्रतियोगिता

​प्रथम स्थान शिवांश पारधी, ​द्वितीय स्थान शानवी एल्डक,​तृतीय स्थान यशवीर मानकर l


संस्कृति ही हमारी

असली धरोहर - प्राचार्या

​कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्राचार्या सुश्री श्रद्धा श्याममोहन त्रिपाठी ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं नगरवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "महर्षि विश्व शांति आंदोलन के अंतर्गत हमारे विद्यालय में सभी पर्व भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुसार मनाए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य हमारी भावी पीढ़ी को यह अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर सौंपना है, ताकि पूज्य महर्षि जी के सपनों के अनुसार संपूर्ण विश्व में शांति और सौहार्द की स्थापना हो सके।

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