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कान्हा टाइगर रिजर्व में 15 से 20 सितंबर तक हाथियों का पुनर्यौवन कैंप


कान्हा टाइगर रिजर्व | वन्यजीव संरक्षण

कान्हा टाइगर रिजर्व में 15 से 20 सितंबर तक हाथियों का पुनर्यौवन कैंप

छह दिन आराम, विशेष आहार, स्वास्थ्य परीक्षण और मालिश; महावत एवं चाराकटरों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला

मंडला। कान्हा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से 15 सितंबर से 20 सितंबर 2026 तक परिक्षेत्र सुपखार में हाथियों के पुनर्यौवन (रिजुविनेशन) कैंप का आयोजन किया जा रहा है।

यह आयोजन उन विभागीय हाथियों के प्रति आभार प्रदर्शन का भी माध्यम है, जो वर्षभर कान्हा प्रबंधन को वन एवं वन्यजीव संरक्षण, अनुश्रवण और गश्ती जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में नियमित सहयोग देते हैं।


15–20 सितंबर
रिजुविनेशन कैंप
16
विभागीय हाथी
16 वर्ष
से लगातार आयोजन

कान्हा में 16 विभागीय हाथी, एक नवजात भी शामिल

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में वर्तमान में कुल 16 विभागीय हाथी हैं। इनमें 9 नर, 6 मादा और एक नवजात हाथी बच्चा शामिल है।

वन्यजीव संरक्षण में अहम भूमिका
  • वन्यजीव संरक्षण
  • जंगल में नियमित गश्ती
  • वन्यजीव अनुश्रवण
  • वन्यजीव ट्रांसलोकेशन
  • मानसून के दौरान विशेष गश्ती

काम से मिलेगा आराम, साथ रहने और खेलने का मौका

पुनर्यौवन कैंप का उद्देश्य हाथियों को नियमित कार्यों से अलग वातावरण में पर्याप्त आराम, बेहतर आहार, स्वास्थ्य परीक्षण और आपसी सामाजिक व्यवहार के लिए अनुकूल अवसर उपलब्ध कराना है।

कैंप के दौरान सभी हाथियों को एक साथ रहने, भोजन करने और विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। प्रबंधन के अनुसार इस तरह की गतिविधियां उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं।

रिजुविनेशन का मकसद
वर्षभर वन्यजीव संरक्षण में जुटे हाथियों को कुछ दिनों के लिए नियमित कार्य से राहत देकर उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर विशेष ध्यान देना।

विशेष आहार के साथ होगा स्वास्थ्य परीक्षण

कैंप के दौरान हाथियों को विशेष आहार दिया जाएगा। वन्यजीव चिकित्सक द्वारा सभी हाथियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा।

हाथियों की मालिश और सेवा के साथ उनके रक्त, फीकल एवं मूत्र के नमूने लिए जाएंगे। आवश्यक परीक्षण के लिए इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

इसके साथ ही सभी हाथियों का शारीरिक माप निर्धारित प्रपत्र में दर्ज किया जाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी व्यवस्थित रूप से रिकॉर्ड की जा सके।

हाथियों की हेल्थ मॉनिटरिंग
  • नियमित स्वास्थ्य परीक्षण
  • विशेष पौष्टिक आहार
  • शरीर एवं पैरों की मालिश
  • रक्त के नमूनों की जांच
  • फीकल एवं मूत्र नमूनों की जांच
  • हाथियों का शारीरिक माप दर्ज करना

सुबह स्नान-मालिश, दोपहर में खेल और शाम को जंगल वापसी

कैंप में हाथियों की दिनचर्या भी विशेष रहेगी। सुबह हाथियों को जंगल से लाकर नहलाया जाएगा और उनके शरीर एवं पैरों की मालिश की जाएगी।

कैंप में हाथियों की दिनचर्या
सुबह : जंगल से लाकर स्नान और शरीर व पैरों की मालिश
दोपहर : महावत एवं चाराकटरों के साथ परिचय और खेल गतिविधियां
शाम : भोजन कराने के बाद पुनः जंगल में छोड़ा जाएगा

महावत और चाराकटरों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण

कैंप में हाथियों के साथ कार्य करने वाले महावत एवं चाराकटरों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

वरिष्ठ महावत अन्य महावतों एवं चाराकटरों को हाथियों के रखरखाव और उन्हें दिए जाने वाले निर्देशों के संबंध में प्रशिक्षण देंगे। इससे हाथियों के बेहतर प्रबंधन के साथ आपात परिस्थितियों में प्रभावी नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।

16 वर्षों से
कान्हा में हाथियों के कल्याण के लिए लगातार आयोजित हो रहा पुनर्यौवन कैंप

हाथियों के संरक्षण और कल्याण को प्राथमिकता

कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा हाथियों के संरक्षण एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए इस प्रकार के पुनर्यौवन कैंप का आयोजन लगातार 16 वर्षों से किया जा रहा है।

सालभर जंगल की निगरानी, अब छह दिन हाथियों की सेहत और आराम के नाम
वन्यजीव संरक्षण, गश्ती, अनुश्रवण और ट्रांसलोकेशन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कान्हा के विभागीय हाथियों के लिए यह कैंप स्वास्थ्य परीक्षण और आराम के साथ उनके प्रति प्रबंधन के आभार का भी प्रतीक है।
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