मंडला वृद्धाश्रम की दीवारें जर्जर, सीलन से बुजुर्गों की सेहत पर खतरा
मंडला। जिला मुख्यालय के महिष्मती घाट स्थित वृद्धाश्रम की बदहाल स्थिति को लेकर जन उपयोगी लोक न्यायालय, जिला मंडला में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। आवेदन में भवन की जर्जर हालत, सीलन, क्षतिग्रस्त स्नानगृह-शौचालय और गर्म पानी जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव का मुद्दा उठाया गया है।
जर्जर दीवारें और फर्श, सीलन बनी बड़ी परेशानी
आवेदक समाजसेवी चन्द्रगुप्त नामदेव, शारदा कालोनी मंडला और बड़ी खैरी मंडला निवासी पी.डी. खैरवार ने जन उपयोगी लोक अदालत को दिए आवेदन में बताया कि वृद्धाश्रम भवन की दीवारें और फर्श काफी जर्जर हो चुके हैं।
आवेदन के अनुसार वर्षा के दिनों में पानी की सीलन दीवारों के अंदर तक पहुँच रही है। इससे वहाँ निवास कर रहे वृद्धजनों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
लगातार सीलन और जर्जर निर्माण के बीच रहने से बुजुर्गों के स्वास्थ्य के साथ-साथ भवन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
स्नानगृह और शौचालयों की व्यवस्था भी बदहाल
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वृद्धाश्रम में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। स्नानगृह और शौचालयों में समुचित व्यवस्था नहीं है और उनके कई दरवाजे टूटे-फूटे हैं।
वृद्धजनों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन के लिहाज से स्नानगृह और शौचालयों की बेहतर व्यवस्था बेहद जरूरी है, लेकिन आवेदन में इन सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
- जर्जर दीवारें और फर्श
- बारिश में दीवारों में सीलन
- क्षतिग्रस्त स्नानगृह
- शौचालयों के टूटे-फूटे दरवाजे
- गर्म पानी के लिए गीजर की व्यवस्था नहीं
ठंड में गर्म पानी की व्यवस्था तक नहीं
आवेदन में कहा गया है कि ठंड के दिनों में स्नान के लिए गर्म पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन वृद्धाश्रम में गीजर की व्यवस्था नहीं है। इससे बुजुर्गों को ठंड के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बढ़ती उम्र में ठंड, नमी और असुविधाजनक स्नान व्यवस्था स्वास्थ्य पर अधिक असर डाल सकती है। इसी कारण आवेदन में गर्म पानी की व्यवस्था को तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
सामाजिक न्याय विभाग के संचालन में है वृद्धाश्रम
उल्लेखनीय है कि इस वृद्धाश्रम का संचालन सामाजिक न्याय विभाग द्वारा किया जाता है। आवेदकों का कहना है कि वृद्धजनों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित विभाग और संचालक का नैतिक दायित्व है।
वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय, सुविधाजनक स्नानगृह और मौसम के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना उनकी गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
जन उपयोगी लोक अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
आवेदकों ने जन उपयोगी लोक अदालत के माननीय अध्यक्ष से निवेदन किया है कि वृद्धजनों के मानवीय हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग को भवन की मरम्मत और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जाए।
जर्जर भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए और वृद्धजनों के लिए स्नानगृह, शौचालय, गर्म पानी तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

