खमरिया में आधी रात गोलियों से गूंजा यादव मोहल्ला, कार पर मिले दो निशान; सूचना देने वाला ही कार्रवाई से पीछे हटा
कंट्रोल रूम की कॉल रिकॉर्डिंग और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों ने बढ़ाया मामला; पुलिस ने रामलखन यादव और मोनू यादव के खिलाफ BNS की धाराओं में दर्ज किया अपराध
दैनिक रेवांचल टाइम्स | जबलपुर। शहर के खमरिया थाना क्षेत्र स्थित ककरतला यादव मोहल्ले में बीती रात अचानक गोलियों की आवाज से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को सुग्रीव यादव के घर के बाहर खड़ी कार क्रमांक MP 20 ZG 5919 पर दो स्थानों पर गोली लगने जैसे निशान मिले।
घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पुलिस को फोन कर जानकारी देने वाला 30 वर्षीय सुग्रीव यादव पुलिस के सामने आया, लेकिन उसने मामले में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। कार पर मिले निशान और सूचना देने वाले व्यक्ति के कार्रवाई से पीछे हटने के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
सूचना देने वाला ही कानूनी कार्रवाई से पीछे हटा
पुलिस के लिए सबसे अहम पहलू यह रहा कि जिस सुग्रीव यादव ने घटना की जानकारी दी थी, उसने बाद में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि रात में वास्तव में क्या हुआ था, फायरिंग किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी।
कंट्रोल रूम की ऑडियो रिकॉर्डिंग से मिले अहम सुराग
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने कंट्रोल रूम में घटना की सूचना के समय आई कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग खंगाली। पुलिस के अनुसार कॉल रिकॉर्डिंग और घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
रामलखन यादव और मोनू यादव के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रामलखन यादव और मोनू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
फिलहाल आरोपों की जांच जारी है। फायरिंग के पीछे वास्तविक कारण क्या था, घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही और विवाद की वजह क्या थी, इन बिंदुओं की स्थिति पुलिस की आगे की जांच में स्पष्ट होगी।
