बजाग की बेटी रचना ने संघर्ष को बनाया ताकत, BPT में शानदार प्रदर्शन पर कलेक्टर ने किया सम्मान
पिता के निधन के बाद मां ने आर्थिक कठिनाइयों के बीच जारी रखी बेटी की पढ़ाई; रचना ने लगातार अच्छे अंक हासिल कर परिवार, समाज और बजाग का नाम किया रोशन
दैनिक रेवांचल टाइम्स | बजाग। सीमित संसाधन और कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे छोटी पड़ जाती हैं। नगर के पीपल बाड़ी मोहल्ला निवासी बनवासी समाज की बेटी रचना बनवासी ने अपनी मेहनत, लगन और पढ़ाई के प्रति समर्पण से यह साबित किया है।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बजाग की पूर्व छात्रा रचना वर्तमान में भोपाल स्थित एनआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स एंड मेडिकल साइंस में बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी) तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने विगत दिनों कलेक्टर कार्यालय में उन्हें सम्मानित किया।
स्कूल से कॉलेज तक लगातार बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन
रचना की शैक्षणिक यात्रा लगातार अच्छे प्रदर्शन से भरी रही है। उन्होंने कक्षा 10वीं में 81.9 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं में 79.56 प्रतिशत अंक हासिल किए।
उच्च शिक्षा में भी उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी। बीपीटी के प्रथम वर्ष में 70 प्रतिशत और द्वितीय वर्ष में 68.9 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वर्तमान में वे बीपीटी के तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं।
81.9%
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पिता के निधन के बाद मां ने संभाली परिवार और पढ़ाई की जिम्मेदारी
रचना की सफलता के पीछे उनकी मां के संघर्ष और त्याग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कुछ वर्ष पहले रचना के पिता राजेश बनवासी का निधन हो गया था। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई।
आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद मां ने मेहनत कर रचना की पढ़ाई जारी रखी और उन्हें उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया। दूसरी ओर रचना ने भी विपरीत परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई को लक्ष्य बनाकर लगातार मेहनत करती रहीं।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने किया सम्मानित
रचना की शैक्षणिक उपलब्धि को जिला प्रशासन ने भी सराहा। डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कलेक्टर कार्यालय में रचना को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस सम्मान से रचना के परिवार के साथ बनवासी समाज और बजाग के लोगों में खुशी का माहौल है। जिस छात्रा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी शिक्षा को जारी रखा, उसकी उपलब्धि अब क्षेत्र की दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपनों की ओर कदम
रचना की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरक है, जिनके सामने आर्थिक या पारिवारिक चुनौतियां हैं। उनकी उपलब्धि बताती है कि कठिन परिस्थितियों के बीच भी शिक्षा के प्रति समर्पण, परिवार का सहयोग और लगातार मेहनत आगे बढ़ने का रास्ता बना सकती है।
आज रचना फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करते हुए अपने भविष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं। उनकी उपलब्धि से उनका परिवार, पूर्व विद्यालय, समाज और बजाग क्षेत्र गौरवान्वित है।
