रोज लहसुन खाने से शरीर में क्या होता है? दिल, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल पर पड़ सकता है असर
रसोई में आसानी से मिलने वाला लहसुन संतुलित आहार का हो सकता है उपयोगी हिस्सा; जानिए इसके संभावित फायदे, खाने का सही तरीका और किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
हेल्थ डेस्क। हमारे घर की रसोई में ऐसी कई चीजें मौजूद होती हैं जिन्हें हम लगभग रोज खाते हैं, लेकिन उनके पोषण संबंधी गुणों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। लहसुन भी इन्हीं में से एक है। सब्जी, दाल, चटनी और सूप का स्वाद बढ़ाने वाला लहसुन कई जैव सक्रिय यौगिकों का स्रोत है।
लहसुन को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य, रक्तचाप और कुछ अन्य स्वास्थ्य संकेतकों पर मामूली लाभकारी प्रभाव डाल सकता है।
❤️ ब्लड प्रेशर में मिल सकती है कुछ मदद
लहसुन को लेकर हुए अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ लोगों, खासकर उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों में, लहसुन या इसके कुछ तैयार उत्पादों के सेवन से रक्तचाप में मामूली कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में समान नहीं होता।
इसलिए हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले व्यक्ति लहसुन को अपनी निर्धारित दवाओं का विकल्प न मानें। रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह, नियमित जांच, संतुलित भोजन और शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण हैं।
कोलेस्ट्रॉल पर भी पड़ सकता है मामूली असर
कुछ शोधों में लहसुन के सेवन को कुल कोलेस्ट्रॉल और LDL यानी तथाकथित ‘खराब कोलेस्ट्रॉल’ में मामूली कमी से जोड़ा गया है। लेकिन परिणाम व्यक्ति, मात्रा और इस्तेमाल किए गए लहसुन या सप्लीमेंट के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होने पर केवल लहसुन पर निर्भर रहना सही नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार जरूरी हो सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट गुण भी हैं लहसुन की खासियत
शरीर में लगातार बनने वाले फ्री रेडिकल्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में योगदान कर सकते हैं। लहसुन में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देखी गई है। इसी कारण लहसुन और उसके विभिन्न यौगिकों पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस तथा सूजन से जुड़े प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन किए जाते रहे हैं।
हालांकि प्रयोगशाला में किसी पदार्थ के प्रभाव और रोजमर्रा के भोजन के रूप में उसके स्वास्थ्य लाभ को एक समान नहीं माना जाना चाहिए। इसलिए लहसुन को किसी गंभीर बीमारी से बचाव या उपचार की गारंटी के रूप में देखना उचित नहीं है।
पेट और आंतों के लिए कैसा है लहसुन?
लहसुन में मौजूद कुछ कार्बोहाइड्रेट आंतों के उपयोगी बैक्टीरिया के लिए प्रीबायोटिक की तरह काम कर सकते हैं। आंतों का माइक्रोबायोम पाचन सहित शरीर की कई सामान्य प्रक्रियाओं से जुड़ा है।
लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है। ज्यादा मात्रा में कच्चा लहसुन खाने से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना, जलन, पेट दर्द या अपच हो सकती है। संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
क्या सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाना जरूरी है?
सोशल मीडिया और घरेलू नुस्खों में अक्सर सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए इसे खाली पेट खाना जरूरी साबित नहीं हुआ है।
उल्टा कच्चा लहसुन कुछ लोगों में पेट की जलन और गैस बढ़ा सकता है। इसलिए इसे सामान्य भोजन का हिस्सा बनाकर खाना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
⚠️ किन लोगों को रखनी चाहिए खास सावधानी?
सामान्य भोजन में इस्तेमाल होने वाली लहसुन की मात्रा अधिकांश लोगों के लिए ठीक रहती है, लेकिन अत्यधिक सेवन या लहसुन के सप्लीमेंट हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होते।
विशेष रूप से खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों और सर्जरी की तैयारी कर रहे मरीजों को लहसुन के सप्लीमेंट या बहुत अधिक मात्रा में लहसुन लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि इससे रक्तस्राव का जोखिम प्रभावित हो सकता है।
