राजसी सवारी में निकले बाबा महाकाल, 6 स्वरूपों में दिए दर्शन
🚁 ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा • 🌸 मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर किया स्वागत • 🙏 लाखों श्रद्धालु रहे मौजूद
उज्जैन। भाद्रपद माह की दूसरी और अंतिम सवारी सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य राजसी सवारी के रूप में निकली। शाम 4 बजे भगवान महाकाल चांदी की पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन हुए।
👑 राजसी अंदाज में नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल
सवारी से पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल ने बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
पूजन और परंपरागत व्यवस्थाओं के बाद बाबा महाकाल की पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। सवारी महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी और हरसिद्धि पाल होते हुए रामघाट पहुंची।
🛣️ सवारी का प्रमुख मार्ग
महाकाल रोड ➜ गुदरी चौराहा ➜ बक्षी बाजार ➜ कहारवाड़ी ➜ हरसिद्धि पाल ➜ रामघाट ➜ रामानुजकोट ➜ कार्तिक चौक ➜ ढाबा रोड ➜ टंकी चौराहा ➜ तेलीवाड़ा ➜ कंठाल ➜ सती गेट ➜ सराफा ➜ छत्री चौक ➜ गोपाल मंदिर ➜ पटनी बाजार ➜ गुदरी ➜ महाकाल चौराहा ➜ महाकाल मंदिर
🌊 रामघाट पर हुआ पूजन और आरती
सवारी के रामघाट पहुंचने पर भगवान महाकाल और हाथी पर विराजित श्री मनमहेश का मां क्षिप्रा के तट पर पूजन और आरती की गई। इस दौरान घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी और पूरा वातावरण बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।
इसके बाद सवारी निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी और गोपाल मंदिर पहुंची, जहां सिंधिया स्टेट की परंपरा के अनुसार भगवान का पूजन किया गया।
🔱 बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूपों के दर्शन
राजसी सवारी में भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
श्री चंद्रमोलेश्वर
श्री मनमहेश
श्री शिव तांडव
श्री उमा-महेश
होल्कर स्टेट का मुखारविंद
श्री सप्तधान स्वरूप
🥁 भजन मंडलियों, साधु-संतों और बैंड ने बढ़ाई शोभा
राजसी सवारी में 73 भजन मंडलियों के साथ साधु-संत, बैंड, पुलिस बल और विभिन्न दल शामिल रहे। सवारी के दौरान धार्मिक भजनों और जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय नजर आया।
🚩 सिंहस्थ 2028 की झांकी बनी आकर्षण
सवारी में सिंहस्थ महापर्व 2028 से जुड़ी झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
🌸 ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा, जयकारों से गूंजा सवारी मार्ग
बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु सवारी मार्ग पर घंटों पहले से खड़े नजर आए। जगह-जगह भव्य रंगोलियां बनाई गईं और बाबा के स्वागत के लिए श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित किए।
आसमान से बरसे फूल, भक्तों ने लगाए बाबा महाकाल के जयकारे
🤝 मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर किया स्वागत
बाबा महाकाल की राजसी सवारी के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसी क्रम में सवारी मार्ग के कुछ स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा भी बाबा महाकाल का फूल बरसाकर स्वागत किए जाने की बात सामने आई।
आस्था के साथ सौहार्द का संदेश
धार्मिक आयोजन में स्वागत और भाईचारे के इन दृश्यों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
लाखों श्रद्धालु बाबा की एक झलक को आतुर
राजसी सवारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों और सवारी मार्ग के दोनों ओर मौजूद रहे। जैसे ही बाबा महाकाल की पालकी आगे बढ़ी, पूरा वातावरण “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा।
भक्ति, परंपरा और सौहार्द का अद्भुत संगम
बाबा महाकाल की राजसी सवारी ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा, भव्य आयोजन और सामाजिक सौहार्द का ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, जिसे श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति के साथ देखा।
