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मध्यप्रदेश में मानसून का असमान मिजाज: प्रदेश में 6% कम बारिश, पश्चिमी MP में 11% का घाटा; भोपाल में 13% ज्यादा

रेवांचल टाइम्स | मध्यप्रदेश मौसम

मध्यप्रदेश में मानसून का असमान मिजाज: प्रदेश में 6% कम बारिश, पश्चिमी MP में 11% का घाटा; भोपाल में 13% ज्यादा

1 जून से 14 सितंबर तक प्रदेश में 834.4 मिमी बारिश; मौगंज-निवाड़ी में सामान्य से 56% अधिक, अलीराजपुर में 49% की कमी

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान बारिश का वितरण इस बार काफी असमान रहा है। 1 जून से 14 सितंबर 2026 तक प्रदेश में कुल 834.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 886.6 मिमी है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम रही है।



-6%
पूरा मध्यप्रदेश
-1%
पूर्वी मध्यप्रदेश
-11%
पश्चिमी मध्यप्रदेश
+13%
भोपाल

पूर्वी मध्यप्रदेश लगभग सामान्य, पश्चिमी हिस्से में बढ़ा बारिश का घाटा

पूर्वी मध्यप्रदेश में 966.3 मिमी वास्तविक बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य बारिश 973.6 मिमी है। यानी यहां बारिश की कमी लगभग एक प्रतिशत है। इसके विपरीत पश्चिमी मध्यप्रदेश में 733 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 819.7 मिमी है। इस तरह पश्चिमी हिस्से में बारिश का घाटा करीब 11 प्रतिशत रहा।

क्षेत्र वास्तविक बारिश सामान्य बारिश अंतर
मध्यप्रदेश 834.4 मिमी 886.6 मिमी -6%
पूर्वी मध्यप्रदेश 966.3 मिमी 973.6 मिमी -1%
पश्चिमी मध्यप्रदेश 733.0 मिमी 819.7 मिमी -11%

मौगंज और निवाड़ी में 56% अधिक बारिश

जिलेवार आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। पूर्वी मध्यप्रदेश के मौगंज और निवाड़ी में सामान्य से 56 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। सतना में 47 प्रतिशत और सिंगरौली में 31 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। शहडोल में 19 प्रतिशत और सीधी में 16 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।

बारिश में आगे रहने वाले जिले
मौगंज +56%   |   निवाड़ी +56%   |   सतना +47%   |   सिंगरौली +31%   |   शहडोल +19%

अलीराजपुर में 49% कम बारिश, धार-नर्मदापुरम भी पीछे

बारिश की कमी वाले जिलों में सबसे चिंताजनक स्थिति अलीराजपुर की रही, जहां सामान्य से करीब 49 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई। धार और नर्मदापुरम में 35 प्रतिशत, रतलाम में 34 प्रतिशत, झाबुआ में 32 प्रतिशत, हरदा में 31 प्रतिशत और बैतूल में 30 प्रतिशत कम बारिश हुई।

सबसे ज्यादा बारिश की कमी
अलीराजपुर -49%   |   धार -35%   |   नर्मदापुरम -35%   |   रतलाम -34%   |   झाबुआ -32%

जबलपुर में 17% कम, भोपाल में 13% ज्यादा बारिश

पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में भी बारिश की कमी बनी हुई है। छिंदवाड़ा में सामान्य से 25 प्रतिशत, पांढुर्णा में 18 प्रतिशत, जबलपुर में 17 प्रतिशत, सागर में 16 प्रतिशत और रीवा में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।

वहीं राजधानी भोपाल में स्थिति प्रदेश के औसत से बेहतर रही। भोपाल में 1013.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 894.8 मिमी है। यानी राजधानी में सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। राजगढ़ में 18 प्रतिशत, शिवपुरी में 27 प्रतिशत और ग्वालियर में 9 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

जिला वास्तविक बारिश सामान्य बारिश अंतर
भोपाल1013.9 मिमी894.8 मिमी+13%
विदिशा778.7 मिमी966.4 मिमी-19%
रायसेन816.1 मिमी1017.1 मिमी-20%
राजगढ़998.4 मिमी843.5 मिमी+18%
शिवपुरी942.2 मिमी743.9 मिमी+27%
ग्वालियर732.6 मिमी669.1 मिमी+9%

एक ही प्रदेश में कहीं 56% अधिक तो कहीं 49% कम बारिश

पूरे मध्यप्रदेश का औसत सामान्य से छह प्रतिशत नीचे है, लेकिन जिलेवार आंकड़े मानसून के बेहद असमान वितरण की तस्वीर पेश करते हैं। एक ओर मौगंज और निवाड़ी में सामान्य से 56 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, वहीं दूसरी ओर अलीराजपुर में सामान्य से 49 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

एक नजर में मानसून की तस्वीर

🌧️ मध्यप्रदेश: सामान्य से 6% कम
🌦️ पूर्वी मध्यप्रदेश: 1% कम
☁️ पश्चिमी मध्यप्रदेश: 11% कम
🌧️ भोपाल: 13% अधिक
⛈️ सबसे ज्यादा अधिकता: मौगंज और निवाड़ी +56%
☀️ सबसे ज्यादा कमी: अलीराजपुर -49%

मौसम विभाग के 14 सितंबर के रिकॉर्ड में प्रदेश के दोनों उपखंडों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की गईं। ऐसे में मानसून सीजन के शेष दिनों में होने वाली बारिश प्रदेश के अंतिम मौसमी आंकड़ों को और बदल सकती है।

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