दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग। ग्राम सिंगारसत्ती के दर्जनों ग्रामीण गुरुवार को जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची में कथित भेदभाव किए जाने की शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में प्रधानमंत्री आवास के पात्र परिवारों का सर्वे निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया और ग्राम के करीब 350 परिवारों कि सूची तैयार की गई थी जिसमें 50 से 55 परिवारों के नाम सूची से गायब हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सर्वे के दौरान पात्र और अपात्र परिवारों का उचित ध्यान नहीं रखा गया। आरोप है कि सरपंच और सचिव द्वारा अपने चहेते लोगों के नाम सूची में शामिल करवाए गए, जबकि वास्तविक रूप से पात्र कई परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए। इसी मामले को लेकर ग्राम के दिलीप यादव सहित अन्य ग्रामीण जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे और सीईओ के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने बताया कि वे इस संबंध में पूर्व में ग्राम पंचायत कार्यालय में भी आवेदन देने पहुंचे थे, लेकिन वहां सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक मौजूद नहीं मिले। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी उनकी समस्या सुनने के बजाय कार्यालय से बाहर चले गए, जिससे उन्हें अपनी शिकायत लेकर जनपद पंचायत का रुख करना पड़ा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र परिवारों के नाम सूची में जोड़े जाएं। साथ ही अपात्र लोगों के नाम हटाकर वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिलाया जाए।
मामले में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मौके पर पहुंचकर मामले की जांच एवं निराकरण किया जाएगा। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है!
