दैनिक रेवाँचल टाईम्स - मंडला, जिले के आबकारी विभाग को केवल कच्ची शराब बनने बाले ही नज़र आते हैं, वही दूसरे ओर लाइसेंसी देसी विदेशी शराब दुकान से निकाल कर गली गली गांव गाव जो जो शराब पहुँचा कर बेनामी पेकारी के माध्यम जो शराब बिकवा रहे है उस और क्यों नज़र अंजाज करते है और जो थोड़ा बहुत देशी शराब बनाते है उन्हें दुश्मनों की तरह देख कर कार्यवाही करते हैं आख़िर जिला आबकारी विभाग का ये शोतेला व्यवहार क्यो क्योंकि महुआ से शराब बनने वाले गरीबों से इन्हें कुछ मिल नहीं मिल पाता है और लाइसेंसी ठेकेदार को ये खुला संरक्षण क्यो देते है ये बड़ा सवाल हैं,!
वही जानकारी के अनुसार मंडला वृत्त के अंतर्गत गाजीपुर के समीप जिलहरी घाट में नर्मदा नदी के किनारे कछार क्षेत्र में संचालित अवैध शराब निर्माण के दो अड्डों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दोनों अड्डों से करीब 110 डिब्बों में भरा महुआ लाहन बरामद किया गया। प्रत्येक डिब्बे में लगभग 10 किलोग्राम महुआ लाहन पाया गया। इसके साथ ही 65 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची शराब भी जब्त की गई।
आबकारी विभाग द्वारा करीब 1100 किलोग्राम महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। जब्त महुआ लाहन एवं शराब की कुल अनुमानित कीमत 1 लाख 19 हजार 750 रुपये बताई गई है। आबकारी अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई!
