दैनिक रेवांचल टाईम्स - मंडला, जिले की नगर परिषद भुआ-बिछिया का गठन हुआ जब से लेकर आज तक विवाद और कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं में बनी रही है कभी निर्माण कार्यों को लेकर तो कभी योजनाओं को लेकर तो कभी भ्रष्टाचार, ग़बन, घोटाले और ऐसे अनेकों कार्यनामे नगर परिषद भुआ-बिछिया होते आ रहे है शिकवा शिकायतें हुई जाँच हुई पर कार्यवाही के नाम पर आज भी ज़ीरो नजर आ रहे है यहाँ तक कि परिषद के अधिकारी कर्मचारी अपने कार्यप्रणाली को लेकर जेल की हवा तक खा चुके है पर न कार्य सुधरे और न ही व्यवस्था।
वही सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद भुआ बिछिया में गठनकाल से लेकर वर्तमान तक विभिन्न पदों पर हुई स्टाफ भर्तियों को लेकर अब पारदर्शिता और नियमों के पालन का प्रश्न उठने लगा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियुक्तियों के दौरान निर्धारित आरक्षण रोस्टर एवं शासन की प्रचलित भर्ती प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
वही स्थानीय नागरिकों की मांग है कि गठन से अब तक की गई सभी नियुक्तियों का अभिलेख सामने लाकर स्वीकृत पदों, भर्ती प्रक्रिया, आरक्षण रोस्टर, शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता तथा सक्षम स्वीकृतियों की बिंदुवार समीक्षा की जाए। इससे भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
यदि जांच में नियमों अथवा रोस्टर के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही नगर परिषद प्रशासन का पक्ष भी सार्वजनिक किया जाना जरूरी है, ताकि आरोपों और तथ्यों के बीच स्थिति स्पष्ट हो सके।
वही जानकारी के अनुसार नगर परिषद की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता की लौ तभी प्रखर होगी, जब पुरानी नियुक्तियों का निष्पक्ष परीक्षण कर अभिलेखों के आधार पर वास्तविकता सामने लाई जाए। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मांग पर क्या कदम उठाता है।
