Breaking

revanchal times new

कान्हा के जंगल में भूख से बेहाल मिला बाघ का नन्हा शावक!



अकेला और बेहद कमजोर हालत में दिखा तो वन अमले में मचा हड़कंप, रेस्क्यू कर क्वारंटाइन सेंटर पहुंचाया

कई दिनों से पर्याप्त शिकार नहीं मिलने की आशंका, वन्यजीव संकट की ओर इशारा करती शावक की हालत


दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला। कान्हा टाइगर रिजर्व के जंगल से वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डालने वाली तस्वीर सामने आई है। मुक्की रेंज में एक बाघ शावक अकेला और बेहद कमजोर शारीरिक अवस्था में मिला। गश्ती के दौरान जब वन अमले की नजर शावक पर पड़ी तो उसकी हालत देखकर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद आनन-फानन में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और शावक को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

शावक की हालत ने खड़े किए कई सवाल

27 अगस्त को गश्ती के दौरान क्षेत्रीय वन अमले को बाघ शावक अकेले विचरण करता दिखाई दिया। शावक सामान्य अवस्था में नहीं था, बल्कि उसकी शारीरिक हालत बेहद कमजोर बताई गई। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि आखिर इतनी कम उम्र में यह शावक अकेला क्यों मिला और इसकी हालत इतनी कमजोर कैसे हो गई?

वन विभाग की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शावक में पाई गई अत्यधिक कमजोरी संभवतः कई दिनों से पर्याप्त आहार अथवा शिकार उपलब्ध नहीं होने से संबंधित हो सकती है। हालांकि इसके वास्तविक कारणों का आकलन चिकित्सकीय निगरानी के बाद ही स्पष्ट होगा।

रेस्क्यू के बाद क्वारंटाइन सेंटर में उपचार

वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक एवं उपसंचालक (कोर जोन), कान्हा टाइगर रिजर्व के मार्गदर्शन में रेस्क्यू टीम ने कार्रवाई शुरू की। टीम ने कमजोर अवस्था में मिले बाघ शावक को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

इसके बाद कान्हा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने शावक का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। परीक्षण में शावक अत्यधिक कमजोर पाया गया। उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल मुक्की स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है।

अब निगाहें शावक की सेहत पर

क्वारंटाइन सेंटर में वन्यजीव चिकित्सक की निगरानी में शावक का उपचार किया जा रहा है। उसके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल विभाग की प्राथमिकता शावक को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराना है।

वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक बाघ शावक का अकेला और अत्यधिक कमजोर मिलना जंगल के भीतर उसकी मां से अलगाव, भोजन की उपलब्धता अथवा अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़े सवाल खड़े करता है। हालांकि इन कारणों की पुष्टि जांच और आगे की निगरानी के बाद ही हो सकेगी।

क्या शावक की मां से हुआ है बिछोह?

शावक की हालत सामने आने के बाद अब यह भी अहम होगा कि वन विभाग उसकी मां की मौजूदगी और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों का पता लगा पाता है या नहीं। यदि शावक अपनी मां से बिछड़ा है तो उसे वापस प्राकृतिक आवास में लौटाने की संभावनाओं का आकलन भी महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल पूरा मामला वन विभाग की निगरानी में है और नन्हे बाघ की जिंदगी बचाने के लिए चिकित्सकीय प्रयास जारी हैं। शावक की आगे की स्थिति और उसके पुनर्वास को लेकर वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर वन्यजीव प्रेमियों की नजर बनी हुई है।

Post a Comment

Previous Post Next Post