रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ उमरानाला में रविवार को एक दिवसीय 'अन्त-ऊर्जा मौन साधना' शिविर का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। देव पूजन और गायत्री मंत्रोच्चार के साथ सुबह 9:30 बजे प्रारंभ हुए इस शिविर में छिंदवाड़ा से पधारीं वरिष्ठ गायत्री परिजनों एवं साधकों ने योग, ध्यान और आत्म-अवलोकन का दिव्य लाभ उठाया।
शिविर के प्रथम सत्र में छिंदवाड़ा से आई बहनों ने 'साधना क्यों और कैसे की जाए' विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्राची पवार दीदी ने योगिक क्रियाओं, आसन एवं प्राणायाम के व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक पक्षों की जानकारी दी।
वहीं श्रीमती मीरा सनोडिया दीदी ने 'पंचकोशी साधना' के माध्यम से आंतरिक जागरण का मार्ग रेखांकित किया। श्रीमती सुनंदा दीदी ने परम पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीय माता जी के दिव्य जीवन-दर्शन और विचारों से साधकों को भावविभोर कर दिया।
साधना के दौरान सोनी दीदी ने मौन साधना मुद्रा की महत्ता और उसके गूढ़ रहस्यों को साझा किया। दिनभर चले इस शिविर में नियमित माला जाप, ज्योति अवधारणा ध्यान और स्वाध्याय की अविरल धारा बहती रही, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
साधना की पूर्णाहुति पर जिला सहायक समन्वयक अरुण पराड़कर ने उपस्थित साधकों को प्रेरणास्पद उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि मौन और साधना से प्राप्त ऊर्जा जीवन के वास्तविक उद्देश्यों को पूरा करने की नई शक्ति प्रदान करती है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शांति पाठ के साथ किया गया।
