प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम; जन विश्वास अभियान के तहत 7 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी नई व्यवस्था
सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की खबर: सितंबर-अक्टूबर तक पूरी होंगी सभी लंबित पदोन्नतियां
प्रदेश में 2 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी; पुलिस में 18 हजार और व्यापमं से 17 हजार पदों पर होंगी भर्तियां
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान सुशासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और रोजगार को लेकर कई महत्वपूर्ण और बड़े ऐलान किए। एफडीडीआई ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य अभिनंदन समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को ज्यादा से ज्यादा जनता से जोड़ने और शासकीय योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर केंद्रित है।
अब हर शुक्रवार 'नो-मीटिंग डे'
प्रशासनिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब से हर शुक्रवार को प्रदेश का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी दफ्तर में बैठक नहीं करेगा। इस दिन अधिकारी सीधे मैदान (फील्ड) में उतरकर जनता के बीच रहेंगे और शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। 'जन विश्वास अभियान' के तहत यह व्यवस्था 7 जनवरी 2027 तक हर शुक्रवार को नियमित रूप से लागू रहेगी।
कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ
शासकीय कर्मचारियों के हित में निर्णय लेते हुए सीएम ने बताया कि छिंदवाड़ा में 1,281 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश के बाकी सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया को आगामी सितंबर-अक्टूबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
2 लाख नई भर्तियां, युवाओं को मिलेगा रोजगार
रोजगार के मोर्चे पर जानकारी साझा करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि राज्य में 2 लाख नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेजी से जारी है। इसमें पुलिस विभाग में 18 हजार पद और हाल ही में व्यापमं (ESB) द्वारा जारी 17 हजार पदों की नई भर्ती प्रक्रिया शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से 8 नवनिर्युक्त शिक्षकों को स्वयं नियुक्ति पत्र भी सौंपे।



