दैनिक रेवांचल टाईम्स - मंडला। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर मंडला फोटोग्राफर एसोसिएशन द्वारा दीक्षा स्टूडियो स्थित एसोसिएशन कार्यालय में विशेष आयोजन किया गया। आयोजन में मंडला जिले के फोटोग्राफरों ने उत्साह के साथ सहभागिता की। इस अवसर पर फोटोग्राफरों ने अपने कार्य के प्रमुख साधन कैमरों का विधि-विधान से पूजन किया। कार्यक्रम में कैमरों के साथ ड्रोन, गिंबल सहित फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरण भी प्रदर्शित किए गए। आयोजन के माध्यम से फोटोग्राफी की कला, तकनीक और इस क्षेत्र से जुड़े फोटोग्राफरों के योगदान को सम्मानित किया गया।
विश्व फोटोग्राफी दिवस प्रत्येक वर्ष 19 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन फोटोग्राफी के इतिहास, कला, तकनीकी विकास और समाज पर इसके प्रभाव को याद करने का अवसर प्रदान करता है। फोटोग्राफी ने बीते कई दशकों में दुनिया को देखने और घटनाओं को दर्ज करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। एक तस्वीर किसी व्यक्ति, स्थान या घटना की केवल दृश्य जानकारी नहीं देती, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं, परिस्थितियों और समय को भी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का काम करती है।
19 अगस्त 1839 का दिन फोटोग्राफी के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन फ्रांसीसी सरकार ने लुई डागेर द्वारा विकसित डैगरेओटाइप प्रक्रिया के अधिकार प्राप्त कर इसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया था। डैगरेओटाइप फोटोग्राफी के शुरुआती व्यावहारिक रूपों में से एक था और इसके बाद कैमरा तथा तस्वीरों की तकनीक लगातार विकसित होती चली गई। समय के साथ फिल्म कैमरों से डिजिटल कैमरों तक और अब ड्रोन, गिंबल तथा अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक तक फोटोग्राफी का स्वरूप व्यापक रूप से बदल चुका है।
मंडला फोटोग्राफर एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में इसी बदलती तकनीक की झलक भी देखने को मिली। आयोजन स्थल पर अलग-अलग प्रकार के कैमरे, ड्रोन और गिंबल जैसे आधुनिक उपकरण मौजूद रहे। इन उपकरणों के पूजन के माध्यम से फोटोग्राफरों ने अपने पेशे और उस तकनीक के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिसके माध्यम से वे रोजमर्रा के जीवन से लेकर महत्वपूर्ण सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक घटनाओं को तस्वीरों में सहेजते हैं।
मंडला प्राकृतिक सौंदर्य, नर्मदा नदी, जनजातीय संस्कृति और समृद्ध सामाजिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। ऐसे में स्थानीय फोटोग्राफरों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उनके कैमरों में कैद तस्वीरें जिले की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था, सामाजिक जीवन और महत्वपूर्ण आयोजनों को व्यापक पहचान दिलाने का माध्यम बनती हैं। कई बार एक तस्वीर हजारों शब्दों से अधिक प्रभावशाली होकर किसी स्थान या घटना की कहानी लोगों तक पहुंचाती है।
आज के डिजिटल दौर में फोटोग्राफी केवल पेशेवर फोटोग्राफरों तक सीमित नहीं रह गई है। मोबाइल कैमरों और सोशल मीडिया के विस्तार ने आम लोगों को भी तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव दुनिया के सामने रखने का अवसर दिया है। इसके बावजूद किसी महत्वपूर्ण क्षण को सही समय, सही प्रकाश, सही कोण और सही भाव के साथ कैमरे में कैद करने के लिए फोटोग्राफर की दृष्टि, अनुभव और रचनात्मकता का महत्व बना हुआ है।
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने फोटोग्राफरों को अपने पेशे के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ एक-दूसरे से जुड़ने और फोटोग्राफी के बदलते तकनीकी स्वरूप को समझने का अवसर दिया। कार्यक्रम में यह भावना प्रमुख रही कि कैमरा महज एक उपकरण नहीं है, बल्कि यह समय को रोककर रखने, यादों को सुरक्षित करने और समाज की कहानी को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम है।
वही मंडला फोटोग्राफर एसोसिएशन का यह आयोजन फोटोग्राफी के प्रति सम्मान और फोटोग्राफरों के योगदान को रेखांकित करने वाला रहा। कैमरों और आधुनिक उपकरणों के पूजन के साथ मनाया गया विश्व फोटोग्राफी दिवस यह संदेश देता है कि तकनीक चाहे कितनी भी बदल जाए, तस्वीरों के पीछे छिपी भावना, कहानी और फोटोग्राफर की दृष्टि हमेशा महत्वपूर्ण बनी रहेगी। एक तस्वीर बीते हुए पल को वर्तमान में जीवंत करती है और इतिहास के उन क्षणों को सुरक्षित रखती है, जिन्हें समय के साथ भुलाया नहीं जा सकता।
.jpeg)
.jpeg)