सलवाह में बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड और संदिग्ध दस्तावेज वाले वाहन
पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल.?
दैनिक रेवांचल टाइम्स | घुघरी। तहसील मुख्यालय घुघरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सलवाह क्षेत्र में ऑटो वाहनों के कथित रूप से अव्यवस्थित संचालन, क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने और आवश्यक दस्तावेजों के बिना वाहन चलाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। बावजूद इसके संबंधित अमले की ओर से प्रभावी जांच और कार्रवाई नजर नहीं आने से पुलिस-प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है।
*क्षमता से अधिक सवारियां, हादसे का खतरा*
क्षेत्र में चल रहे कुछ ऑटो में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने के आरोप हैं। कई बार यात्रियों को वाहन के भीतर क्षमता से अधिक बैठाने के साथ ही इस तरह संचालित किया जाता है, जिससे सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे वाहनों में स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी सफर करते हैं। सवाल यह है कि यदि किसी दिन गंभीर दुर्घटना हो गई तो उसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
*दस्तावेजों की जांच पर भी सवाल*
ऑटो संचालन के लिए परमिट, फिटनेस, बीमा सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि बिना वैध दस्तावेजों के वाहन संचालित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो यह नियमित जांच व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़कों पर प्रतिदिन वाहन संचालित हो रहे हैं तो उनकी जांच करना कोई मुश्किल काम नहीं है। फिर सवाल उठता है कि जांच अभियान केवल कागजों तक सीमित क्यों दिखाई दे रहा है?
*पुलिस की नजर के सामने सब कुछ?*
सबसे गंभीर सवाल पुलिस और संबंधित यातायात अमले की सक्रियता को लेकर है। यदि ओवरलोड ऑटो और नियमों की कथित अनदेखी करने वाले वाहन क्षेत्र में खुलेआम चल रहे हैं, तो नियमित वाहन जांच कहां है? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?स्थानीय स्तर पर ‘एंट्री’ या किसी प्रकार के संरक्षण की चर्चाएं भी सुनने को मिलती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यदि ऐसी कोई शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
*कार्रवाई के बजाय इंतजार क्यों?*
यातायात नियमों का उद्देश्य चालान काटना भर नहीं, बल्कि सड़क पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि कोई वाहन क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चल रहा है या उसके दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो कार्रवाई दुर्घटना के बाद नहीं बल्कि उससे पहले होनी चाहिए। सलवाह क्षेत्र में विशेष वाहन जांच अभियान चलाकर ऑटो के परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन और निर्धारित यात्री क्षमता की जांच किए जाने की जरूरत है। साथ ही ओवरलोडिंग पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
*जनता का सीधा सवाल.?*
क्षेत्र के लोगों का सवाल बेहद सीधा है—जब यातायात नियम सभी के लिए समान हैं, तो फिर नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? यदि जांच में वाहन नियमों के अनुरूप पाए जाते हैं तो प्रशासन को भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि बेवजह की चर्चाओं पर विराम लगे। लेकिन यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारों को कार्रवाई से पीछे नहीं हटना चाहिए। सड़क पर चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा किसी भी व्यवस्था से बड़ी है। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन सलवाह क्षेत्र की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेंगे।

