दुख के अंधकार से सेवा का उजाला: बेटी-पत्नी को खोने वाले रिटायर्ड स्टेनो चौबे ने स्कूली बच्चों को बांटी खुशियाँ
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़|कहते हैं कि अपनों को खोने का गम इंसान को तोड़ देता है, लेकिन कुछ विरले लोग ऐसे होते हैं जो अपने व्यक्तिगत दर्द को समाज सेवा की ऊर्जा में बदल देते हैं। एक ऐसी ही प्रेरणादायी और भावुक कर देने वाली मिसाल पेश की है l
सिवनी निवासी एवं श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति अमरवाड़ा के सह-संरक्षक, रिटायर्ड जिला स्टेनो सी.के. चौबे ने।
नियति के क्रूर प्रहारों को झेलने वाले चौबे ने अमरवाड़ा के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरकर मानवता की एक अनूठी मिसाल कायम की।
*दुखों का पहाड़ भी नहीं डिगा सका सेवा का संकल्प*
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में एक सड़क हादसे में चौबे की जीवनसंगिनी का आकस्मिक निधन हो गया था। इस गहरे सदमे से वे संभल भी नहीं पाए थे कि वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान उनकी 21 वर्षीय होनहार बिटिया 'याशिका' भी उन्हें छोड़कर दुनिया से चली गई। परिवार के खात्मे और इस दोहरे आघात ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया था।
इसी बीच संयोगवश उनका संपर्क अमरवाड़ा की 'श्री नटनी माई सेवा समिति' से हुआ। संस्था के सेवा कार्यों से प्रेरित होकर उन्होंने पिछले 5 वर्षों से अपना जीवन दीन-हीन, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों की सेवा में समर्पित कर दिया।
*दिवंगत आत्माओं की स्मृति में ₹50,000 की सहायता*
इसी सेवा भाव के अंतर्गत चौबे द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला पथरकटी विकासखंड अमरवाड़ा के बच्चों की सुविधा के लिए ₹50,000 पचास हजार रुपये मूल्य की सामग्री दान की गई। इसके तहत बच्चों के बैठने के लिए सुंदर डेस्क-बेंच, स्कूल बैग, स्कूल ड्रेस और जूते-मौजे वितरित किए गए।
यह सामग्री विकासखंड शिक्षा अधिकारी अनुराग मिश्रा एवं संकुल प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सतीश उइके के हाथों प्रधान पाठक एस.एस. उइके को सौंपी गई।
*बरसात से बचाव के लिए बांटे छाते*
इसी पुनीत कड़ी में 'श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति' द्वारा कक्षा पहली से पांचवीं तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों को बारिश से बचाने के लिए छाते एवं आवश्यक पाठ्य सामग्री का वितरण भी किया गया। नए बैग, ड्रेस और रंग-बिरंगे छाते पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
सी.के.चौबे,सह-संरक्षक व दानदाता ने कहा,
जब मैंने अपने अपनों को खोया, तो लगा सब खत्म हो गया। लेकिन नटनी माई समिति से जुड़कर मुझे अहसास हुआ कि इन बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों में ही मेरी बेटी और परिवार बसता है। इनकी सेवा ही अब मेरे जीवन का एकमात्र उद्देश्य है।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस गरिमामयी और भावुक कर देने वाले क्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से
अनुराग मिश्रा विकासखंड शिक्षा अधिकारी,सतीश उइके उत्कृष्ट प्राचार्य,राधेश्याम सोनी संस्थापक, नटनी माई समिति,सुनेन सूर्यवंशी सह-संरक्षक,
महेंद्र सिंगारे प्रचारक,
श्रीमती ब्रजकुवर उइके शिक्षिका,श्रीमती संध्या राय सेवानिवृत्त शिक्षिका,आदर्श जैन गौ लक्ष्मी समिति,अमरवाड़ा,इसके साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जन और स्कूली बच्चे उपस्थित थे। सभी ने चौबे के इस जज्बे और अनुकरणीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।


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