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नल-जल योजना की खुली पोल: 8–10 दिनों से वार्ड में बंद पेयजल आपूर्ति, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण



जनहितकारी योजना पर सवाल, पंचायत प्रशासन की जवाबदेही पर उठे गंभीर प्रश्न

दैनिक रेवांचल टाइम्स | नारायणगंज (मंडला)।जनपद पंचायत नारायणगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरिया में शासन की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना ग्रामीणों की प्यास बुझाने के बजाय अपनी बदहाल व्यवस्था के कारण सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों के अनुसार वार्ड क्रमांक 16 में पिछले 8 से 10 दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा, जिससे लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज के हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रोजाना पानी की व्यवस्था के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार पंचायत प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक न तो कोई स्थायी समाधान किया गया और न ही पेयजल आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे पंचायत प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सवाल यह भी उठ रहा है कि जब शासन करोड़ों रुपये खर्च कर "हर घर नल से जल" पहुंचाने का दावा कर रहा है, तो फिर ग्रामीणों को कई दिनों तक पेयजल संकट क्यों झेलना पड़ रहा है? क्या नल-जल योजना केवल कागजों और सरकारी दावों तक ही सीमित होकर रह गई है?

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर बंद पड़ी जलापूर्ति को शीघ्र शुरू कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।

जनता का सवाल:

जब जनहितकारी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, तो आखिर ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए क्यों भटकना पड़ रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान करेंगे या फिर ग्रामीणों को केवल आश्वासन ही मिलता रहेगा?

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